बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली मंडल में दशहरा उत्सव को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवानों को तैनात किया गया है और ड्रोन से लगातार निगरानी की जा रही है।
इंटरनेट सेवाएं निलंबित
अधिकारियों ने जानकारी दी कि गुरुवार 2 अक्टूबर दोपहर 3 बजे से बरेली में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं, जो शनिवार दोपहर तक बंद रहेंगी। इससे पहले भी 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद की गई थीं।
हालिया हिंसा के बाद सख्ती
यह कदम 26 सितंबर को बरेली में हुई हिंसक झड़पों के बाद उठाया गया है। जुमे की नमाज के बाद कोतवाली क्षेत्र की एक मस्जिद के बाहर दो हजार से ज्यादा लोग इकट्ठा हो गए थे। इस दौरान पथराव और लाठीचार्ज हुआ, जिसमें पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए। यह घटना इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां द्वारा ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद को लेकर प्रस्तावित प्रदर्शन रद्द करने के बाद हुई थी।
प्रशासन का सख्त संदेश
मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने कहा, “सभी जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें। किसी भी तरह की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों जैसे रामलीला, दुर्गा पूजा मेले और रावण दहन के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
गिरफ्तारियां और सुरक्षा
अब तक बरेली हिंसा मामले में 81 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में सशस्त्र पुलिस बल तैनात किया गया है और खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी तरह की वारदात को रोका जा सके।














