उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव के बीच तीखी सियासी नोकझोंक देखने को मिली. सीएम योगी ने अपने 2 घंटे 14 मिनट के मैराथन भाषण में समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा उठाए गए हर मुद्दे पर सिलसिलेवार जवाब दिया. उन्होंने शंकराचार्य विवाद, फॉर्म-7 (वोटर लिस्ट) और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा और विपक्ष को कटघरे में खड़ा किया.
1. शंकराचार्य विवाद: ‘सर्टिफिकेट’ पर आर-पार
प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को रोके जाने के विवाद पर सीएम योगी ने कड़ा रुख अपनाया.
- सीएम योगी का बयान: “हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता. आदि गुरु शंकराचार्य ने मठों के लिए नियम बनाए हैं. हर कोई अपने नाम के आगे शंकराचार्य नहीं लिख सकता. कानून सबके लिए बराबर है और हम नियमों का पालन करेंगे.”
- अखिलेश का पलटवार: सीएम के बयान पर अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा, “जो शंकराचार्य जी से सर्टिफिकेट मांग रहा है, वो खुद योगी का सर्टिफिकेट दिखाए. हर कोई अपने नाम के आगे योगी नहीं लिख सकता.”
2. वंदे मातरम्: राष्ट्रवाद पर घमासान
सदन में ‘वंदे मातरम्’ का मुद्दा भी गरमाया.
- सीएम योगी: उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “वंदे मातरम् का विरोध करने वालों को भारत की धरती पर रहने का कोई हक नहीं है. उन लोगों को वहीं जाना चाहिए, जहां इसका विरोध होता है.”
- सपा का जवाब: सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “वे (योगी) ऐसा बोलते हैं जैसे खुद को प्रधानमंत्री समझ रहे हों.”
3. फॉर्म-7 और वोटर लिस्ट: पारदर्शिता बनाम साजिश
वोटर लिस्ट से नाम कटने और जुड़ने की प्रक्रिया (Form-7) को लेकर भी दोनों पक्षों में टकराव हुआ.
- अखिलेश का आरोप: “जब SIR (Summary Revision) हो चुका है, तो फॉर्म-7 भरवाने की क्या जरूरत है? बीजेपी के पास वोट कटवाने वाली एक कंपनी है जो यादव और मुस्लिम वोटरों को निशाना बना रही है.”
- सीएम का जवाब: “सपा पारदर्शिता की विरोधी है. फॉर्म-7 चुनाव आयोग की वेरिफिकेशन प्रक्रिया का हिस्सा है. सपा जानबूझकर माहौल खराब कर रही है क्योंकि वे निष्पक्ष जांच से डरते हैं.”
4. ‘ट्रिपल S’ का नया फॉर्मूला और ‘दो थाने’ वाला तंज
सीएम योगी ने अपनी सरकार की कानून-व्यवस्था को परिभाषित करने के लिए ‘ट्रिपल S’ (Safety, Stability, Speed) का मंत्र दिया.
- सुरक्षा, स्थिरता और गति: योगी ने कहा कि आज यूपी में कर्फ्यू और दंगे नहीं हैं. प्रदेश में सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड की गारंटी है.
- ‘दो थानों’ का तंज: पूर्व की सपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “2017 से पहले यूपी में सिर्फ ‘दो थाने’ चलते थे (इशारा सैफई और इटावा की ओर), लेकिन आज 75 जिलों में कानून का राज है. पहले अपराधी सरकार के गले का हार होते थे, आज वे जेल में हैं.”














