अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वहां के सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने ट्रंप द्वारा दुनिया भर के देशों पर लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ को गैरकानूनी करार देते हुए रद्द कर दिया है। इस बड़े अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक घटनाक्रम पर भारत सरकार भी पैनी नजर बनाए हुए है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने स्पष्ट किया है कि भारत इस फैसले और इसके असर की बारीकी से स्टडी कर रहा है। वहीं, कोर्ट के फैसले से नाराज ट्रंप ने इसे ‘बुरा फैसला’ बताते हुए एक दूसरे कानून के तहत तुरंत नया ग्लोबल टैरिफ थोप दिया है।
भारत का पहला रिएक्शन- ‘हर पहलू की हो रही है स्टडी’
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमने टैरिफ पर यूएस सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ध्यान दिया है। वहां के राष्ट्रपति ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की है और प्रशासन ने कुछ नए फैसले भी लिए हैं। हम इस पर बारीकी से स्टडी कर रहे हैं।” वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वाणिज्य मंत्रालय इस पूरे मामले को देख रहे हैं। भारत सरकार पूरी रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ही कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया देगी।
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप को क्यों दिया झटका?
शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप प्रशासन के टैरिफ को असंवैधानिक बताकर रद्द कर दिया। चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने जस्टिस नील गोरसच, एमी कोनी बैरेट और तीन लिबरल जजों के साथ मिलकर यह अहम फैसला सुनाया। अदालत का कहना है कि ट्रंप ने 1977 के ‘इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट’ (IEEPA) का गलत इस्तेमाल किया है। कोर्ट ने साफ किया कि IEEPA राष्ट्रपति को इस तरह के टैरिफ लगाने की इजाजत नहीं देता, क्योंकि अमेरिकी संविधान के मुताबिक टैरिफ लगाने की शक्ति वहां की संसद (कांग्रेस) के पास है।
भड़के ट्रंप ने फिर चला दांव, लगा दिया 10% नया टैरिफ
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे एक ‘बहुत बुरा फैसला’ करार दिया। अदालत से झटका खाने के बाद ट्रंप ने एक नया रास्ता निकाल लिया। उन्होंने 1974 के ट्रेड एक्ट के ‘सेक्शन 122’ का इस्तेमाल करते हुए दुनिया भर के देशों पर 10% का नया ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। यह विशेष कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को 150 दिनों तक के लिए अस्थायी (Temporary) इम्पोर्ट सरचार्ज लगाने की अनुमति देता है। ट्रंप के इस कदम से ग्लोबल मार्केट में एक बार फिर खलबली मच गई है।














