नए पीएमओ (PMO) ‘सेवा तीर्थ’ में 24 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की पहली और ऐतिहासिक बैठक हुई। इस अहम बैठक में कुल 12,236 करोड़ रुपये की लागत वाले 8 बड़े और दूरगामी फैसलों पर मुहर लगाई गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि ये प्रोजेक्ट्स देश को 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
आइए जानते हैं कैबिनेट के इन 8 बड़े फैसलों से किन राज्यों को क्या मिला:
1. ‘केरल’ अब आधिकारिक रूप से कहलाएगा ‘केरलम’
कैबिनेट ने लंबे समय से चली आ रही मांग को मानते हुए केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है। अब राष्ट्रपति इस बिल को राज्य की विधानसभा के पास भेजेंगे, जहां से पास होने के बाद इसे संसद में पेश कर अंतिम रूप दिया जाएगा।
[Map of India highlighting the newly approved railway lines, Ahmedabad Metro extension, and Srinagar Airport terminal]
2. इंफ्रास्ट्रक्चर का महा-विस्तार (रेलवे, मेट्रो और एयरपोर्ट)
कैबिनेट ने 5 राज्यों (महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, गुजरात और जम्मू-कश्मीर) में कनेक्टिविटी को नई उड़ान देने के लिए खजाना खोल दिया है:
- श्रीनगर को नया एयरपोर्ट टर्मिनल: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में 1,067 करोड़ रुपये की लागत से एक शानदार ‘नया इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल’ बनाया जाएगा।
- अहमदाबाद मेट्रो का विस्तार: गुजरात में ‘अहमदाबाद मेट्रो फेज 2B’ के विस्तार के लिए 1,067 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
- रेलवे लाइनों का जाल:
- महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश: गोंदिया (महाराष्ट्र) से जबलपुर (म.प्र.) रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए सबसे ज्यादा 5,236 करोड़ रुपये मंजूर।
- बिहार: पुनारख से किऊल के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के लिए 2,668 करोड़ रुपये का बजट पास।
- झारखंड: गम्हरिया से चांदिल के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाने के लिए 1,168 करोड़ रुपये की मंजूरी।
3. किसानों और पावर सेक्टर को सौगात
इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा कैबिनेट ने कच्चे जूट के लिए ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ (MSP) तय कर दिया है, जिस पर 430 करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही, पावर (ऊर्जा) सेक्टर में सुधार के लिए भी एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया गया है।
‘सेवा तीर्थ सत्ता का नहीं, सशक्तिकरण का केंद्र’
कैबिनेट फैसलों की ब्रीफिंग करते हुए अश्विनी वैष्णव ने ‘सेवा तीर्थ’ की कार्य संस्कृति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गुलामी से पहले भारत में जो मानवीय मूल्य और भव्यता थी, सरकार उसी भाव के साथ काम करेगी। उन्होंने बताया कि सरकार की नीतियों से एक दशक में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं और आने वाले समय में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है।














