लोकसभा में परिसीमन, संविधान संशोधन और महिला आरक्षण विधेयकों पर चर्चा के दौरान एक समय ऐसा लगा कि सत्ता और विपक्ष के बीच सहमति बन सकती है, लेकिन समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav के एक बयान ने पूरे सदन का माहौल बदल दिया.
अमित शाह का प्रस्ताव और विपक्ष की शर्तें
गृह मंत्री Amit Shah ने विपक्ष से पूछा कि क्या वे बिल पास कराने के लिए सहमत हैं. उन्होंने कहा, “सरकार 50 % सीट बढ़ाने के लिए तैयार है.1 घंटा दीजिए हम संशोधन कराने के लिए तैयार हैं . हमें 50 प्रतिशत सीट बढ़ानी ही हैं. हमें कोई चोरी नहीं करनी है.”
इससे पहले K. C. Venugopal ने मांग रखी थी कि सरकार लिखित में दे कि सभी राज्यों में 50% सीटें बढ़ेंगी और 2026 की जनगणना के आधार पर परिसीमन होगा.
इस पर जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि सीटें बढ़ाने पर सरकार तैयार है, लेकिन 2026 की जनगणना के आधार पर परिसीमन की मांग स्वीकार नहीं की जाएगी.
अखिलेश यादव का बड़ा बयान
इसी दौरान Akhilesh Yadav ने कहा, “11 साल के जो अनुभव रहे, अगर बीजेपी ये लिख कर दे देगी कि हम महिला पीएम बनाएंगे तब भी इनका भरोसा नहीं करेंगे.”
उनके इस बयान के बाद सदन में सियासी गर्मी और बढ़ गई.
गृह मंत्री का पलटवार
अखिलेश यादव के बयान पर Amit Shah ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर विपक्ष वोट नहीं देगा तो महिला आरक्षण बिल पारित नहीं हो पाएगा. उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके अधिकारों के रास्ते में कौन बाधा बन रहा है और चुनाव में इसका जवाब देंगी.
धर्म के आधार पर आरक्षण पर साफ रुख
Amit Shah ने यह भी कहा, “धर्म के आधार पर आरक्षण हम ना देंगे ना किसी को देने देंगे.”
उन्होंने विपक्ष पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि संविधान के किस अनुच्छेद के तहत धर्म के आधार पर आरक्षण दिया जा सकता है.














