समाजवादी पार्टी की कैराना सांसद इकरा हसन की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. सहारनपुर में डीआईजी कार्यालय के बाहर हुए हंगामे और सड़क जाम के मामले में पुलिस ने उनके समेत 32 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. इस कार्रवाई के बाद इलाके की राजनीति गरमा गई है और सियासी बयानबाजी तेज होने के संकेत मिल रहे हैं.
इकरा हसन समेत 32 लोगों पर केस दर्ज
पुलिस के मुताबिक, मामले में 7 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 25 अज्ञात समर्थकों को भी एफआईआर में शामिल किया गया है. यह मुकदमा सिविल लाइन चौकी प्रभारी की तहरीर पर सदर बाजार थाने में दर्ज किया गया है.
बताया जा रहा है कि बुधवार को सांसद इकरा हसन अपने समर्थकों के साथ सहारनपुर स्थित डीआईजी कार्यालय पहुंची थीं. इसी दौरान बड़ी संख्या में समर्थक सड़क पर इकट्ठा हो गए और प्रदर्शन शुरू हो गया.
सड़क जाम और नारेबाजी से बढ़ी परेशानी
पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया गया और जोरदार नारेबाजी की गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लंबे समय तक सड़क जाम रहने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. कई वाहन घंटों तक फंसे रहे और यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई.
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात करना पड़ा.
पुलिस ने लगाईं गंभीर धाराएं
एफआईआर में सरकारी कार्य में बाधा डालने, सार्वजनिक रास्ता रोकने और निषेधाज्ञा के उल्लंघन जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
इसके साथ ही पुलिस वीडियो रिकॉर्डिंग और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है ताकि अन्य लोगों की पहचान की जा सके.
सियासत हुई गर्म, सपा ने जताई नाराजगी
इस कार्रवाई के बाद सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक माहौल गरमा गया है. समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है.
पार्टी नेताओं का कहना है कि विरोध प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, जबकि पुलिस का दावा है कि कानून हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती.
अब इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन और समाजवादी पार्टी के नेताओं के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है.














