उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपातकाल की 51वीं बरसी पर आयोजित ‘संविधान हत्या दिवस’ कार्यक्रम में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. लखनऊ में आयोजित ‘लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है, जब सत्ता बचाने के लिए कांग्रेस ने देश पर आपातकाल थोप दिया था.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल लगाकर नागरिकों के मौलिक अधिकारों को सीमित किया गया और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाया गया. उनके मुताबिक, यह कदम लोकतंत्र और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के आदर्शों के खिलाफ था.
‘सत्ता बचाने के लिए लगाया गया था आपातकाल’
सीएम योगी ने कहा कि उस दौर में कांग्रेस ने अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों को दरकिनार कर दिया था. उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायालयों के फैसलों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने के लिए आपातकाल लागू किया गया.
मुख्यमंत्री के अनुसार, उस समय राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया था. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के पक्ष में आवाज उठाने वाले हजारों लोगों को जेलों में भेजा गया और विरोध के हर स्वर को कुचलने की कोशिश हुई.
कांग्रेस और विपक्ष पर साधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपातकाल के दौरान न्यायपालिका की शक्तियों को सीमित कर दिया गया था और मीडिया पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौर की घटनाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है ताकि लोकतंत्र के महत्व को समझा जा सके.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस का वर्तमान नेतृत्व संविधान की बात करता है, लेकिन इतिहास में पार्टी की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
मुलायम सिंह और लालू प्रसाद का भी किया जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने समाजवादी राजनीति से जुड़े नेताओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि आपातकाल के समय कई विपक्षी नेता लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे थे और जेलों में बंद थे.
योगी ने दावा किया कि स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव कांग्रेस के साथ गठबंधन के खिलाफ राय रखते थे, लेकिन आज उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने वाले नेता कांग्रेस के साथ मिलकर राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने लालू प्रसाद यादव के राजनीतिक परिवार का भी उल्लेख करते हुए विपक्षी दलों पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया.
भारत को बताया लोकतंत्र की जननी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जी-20 मंच पर दिए गए उस संदेश का भी जिक्र किया, जिसमें भारत को लोकतंत्र की जननी बताया गया था. उन्होंने कहा कि भारत में लोकतांत्रिक परंपराएं सदियों पुरानी हैं और गांव स्तर तक जनभागीदारी की व्यवस्था लंबे समय से मौजूद रही है.
उनके अनुसार, लोकतंत्र का वास्तविक अर्थ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है.
केंद्र सरकार की योजनाओं का किया उल्लेख
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गरीबों, किसानों और वंचित वर्गों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं. उन्होंने आवास, शौचालय, उज्ज्वला योजना, मुफ्त राशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका लाभ करोड़ों लोगों तक पहुंचा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्रता के आधार पर बिना किसी भेदभाव के योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाना लोकतंत्र को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम है.
लोकतंत्र सेनानियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित भी किया गया. इस अवसर पर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना समेत कई जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, लोकतंत्र सेनानी और प्रबुद्धजन मौजूद रहे.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी भाग लिया और आपातकाल से जुड़े ऐतिहासिक घटनाक्रमों को याद किया गया.















