बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार, 31 अगस्त को लखनऊ में पार्टी की अहम बैठक की। बैठक में उत्तर प्रदेश स्टेट, मंडल यूनिट, सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्षों और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों, पार्टी उम्मीदवारों के चयन और संगठन की चुनावी रणनीति की विस्तार से समीक्षा की गई।
मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों को और तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि BSP कार्यकर्ताओं को चुनाव के दौरान सामने आने वाले साम, दाम, दंड, भेद और विभिन्न तरह के प्रलोभनों का सामना करते हुए उत्तर प्रदेश में पार्टी की पांचवीं बार सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत से काम करना होगा।
चुनावी वादों को लेकर मायावती का सरकारों पर हमला
मायावती ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जनता को प्रभावित करने के लिए राजनीतिक दल तरह-तरह के आकर्षक वादे और घोषणाएं करते हैं, लेकिन सरकार बनने के बाद इनमें से कई वादों को पूरा नहीं किया जाता। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोगों को ऐसे कथित झूठे वादों और राजनीतिक छलावे के प्रति जागरूक करने को कहा।
BSP सुप्रीमो ने अपील की कि मतदाता किसी भी तरह के प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि जनता को ऐसी सरकार चुननी चाहिए जो ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की भावना के साथ काम करे।
बेरोजगारी, गरीबी और पलायन पर भी साधा निशाना
मायावती ने उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी, गरीबी और भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन समस्याओं के कारण लोगों को मजबूरी में पलायन करना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, इन चुनौतियों का स्थायी समाधान निकालने के बजाय इन्हें चुनाव के समय राजनीतिक मुद्दे और छलावे के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी की पिछली सरकारों का जिक्र करते हुए कहा कि BSP सरकारों ने चुनाव का इंतजार किए बिना सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति की दिशा में लगातार काम किया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकारों के दौरान गरीबों, वंचितों और कमजोर वर्गों के हितों को प्राथमिकता दी गई।
मायावती ने कहा कि वर्तमान समय में गरीब और पीड़ित परिवारों की समस्याओं का स्थायी समाधान करना जरूरी है। उन्होंने सरकारों से इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की मांग की।
कांशीराम जयंती कार्यक्रम को लेकर मायावती ने दिए निर्देश
बैठक के दौरान मायावती ने BSP के संस्थापक एवं जन्मदाता मान्यवर श्री कांशीराम जी की जयंती को लेकर भी पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने 9 अक्टूबर को कांशीराम जयंती का कार्यक्रम पूरे मिशनरी भाव के साथ आयोजित करने को कहा।
मायावती के मुताबिक, लखनऊ में BSP सरकार द्वारा विकसित किए गए ‘मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल’ पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा यूपी-दिल्ली सीमा पर BSP सरकार द्वारा स्थापित ‘बहुजन प्रेरणा केंद्र’ में राज्य-स्तरीय सरकारी कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की स्थिति को लेकर भी उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई।
उन्होंने आशंका जताई कि बड़ी भीड़ एकत्र होने पर किसी दुर्घटना जैसी स्थिति से बचने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम जरूरी हैं। मायावती ने पार्टी संगठन को आगामी कार्यक्रमों और चुनावी तैयारियों को लेकर पूरी गंभीरता के साथ काम करने का संदेश दिया।
बैठक में मायावती ने एक बार फिर जनहित और जनकल्याण को BSP की राजनीति का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि गरीब, वंचित और पीड़ित परिवारों की समस्याओं का स्थायी समाधान होना चाहिए और सरकारों को केवल चुनावी घोषणाओं तक सीमित रहने के बजाय इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।















