उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने विपक्षी दलों के बीच गठबंधन को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कांग्रेस के अकेले चुनाव लड़ने की संभावना से इनकार करते हुए कहा कि पार्टी चाहती है कि गठबंधन पर जल्द फैसला हो और सीटों का बंटवारा समय रहते पूरा किया जाए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन में हिस्सेदारी और सम्मान बराबर का होना चाहिए।
इस बीच पूर्व विधायक प्रदीप बालियान, समाजवादी पार्टी के नेता दिशांत त्यागी और कई किसान संगठनों से जुड़े नेता कांग्रेस में शामिल हुए हैं। इन राजनीतिक गतिविधियों के बीच राजेंद्र पाल गौतम का गठबंधन को लेकर दिया गया बयान यूपी की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
‘हमें देश और संविधान बचाना है’- राजेंद्र पाल गौतम
कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने विपक्षी गठबंधन को लेकर कहा, ”इकरा हसन के साथ सबको समझनी चाहिए, इंडिया गठबंधन को संभालने की जिम्मेदारी हमारी है. हमें जहर का घूंट भी पीना पड़े तो पियेंगे लेकिन हमें देश बचाना है, संविधान बचाना है. लोकतंत्र को बचाना है.”
उन्होंने गठबंधन को लेकर कांग्रेस की प्राथमिकता भी स्पष्ट की और कहा कि पार्टी चाहती है कि विपक्षी दलों के बीच जल्द सहमति बने, जिससे चुनाव की तैयारियों के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
‘हमने कभी नहीं कहा कि हम अकेले लड़ेंगे’
राजेंद्र पाल गौतम ने कांग्रेस के अकेले चुनाव लड़ने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा, ”हमने कभी नहीं कहा है कि हम अकेले लड़ेंगे. हमने कहा है कि हिस्सेदारी और सम्मान बराबर का होना चाहिए. हम चाहते हैं कि गठबंधन जल्दी हो जाए. सीटों का बंटवारा जल्दी हो जाए ताकि प्रत्याशियों को प्रचार करने का वक्त मिल जाए.”
कांग्रेस नेता इससे पहले भी यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में विपक्षी दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर सम्मानजनक समझौते की बात कह चुके हैं। उनके मुताबिक गठबंधन को लेकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर विचार-विमर्श हो सकता है, लेकिन सम्मान के मुद्दे पर समझौता नहीं किया जा सकता।
ओवैसी को लेकर भी राजेंद्र पाल गौतम ने दिया बयान
गठबंधन की चर्चा के बीच कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ”ओवैसी गठबंधन की बात कर रहे हैं लेकिन वह भारतीय जनता पार्टी को जीताने का काम करते हैं. गठबंधन करना है या नहीं सिर्फ नेतृत्व तय करेगा.”
इस बयान के साथ राजेंद्र पाल गौतम ने संकेत दिया कि गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व करेगा। यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए विपक्षी दलों के बीच सीट बंटवारे और संभावित गठबंधन को लेकर आने वाले समय में बातचीत और तेज होने की संभावना है।















