केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए चुनाव आयोग और न्यायिक व्यवस्था पर सवाल उठाने को लेकर आरोप लगाए हैं। ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी को केवल आरोप लगाने के बजाय अपने दावों के समर्थन में ठोस सबूत पेश करने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयानों से देश की संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।
सुप्रीम कोर्ट को राजनीतिक विवाद का मंच बनाने पर उठाए सवाल
राहुल गांधी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को राजनीतिक विवादों का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन अपने दावों के समर्थन में ठोस प्रमाण नहीं दे रहे हैं।
ठाकुर ने राहुल गांधी से कानून और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी खुद को नियमों से ऊपर समझती है।
कांग्रेस के राजनीतिक इतिहास का भी किया जिक्र
अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस के पुराने राजनीतिक इतिहास का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी पहले भी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाती रही है। उन्होंने कांग्रेस की ओर से बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराने की मांग का भी जिक्र किया।
ठाकुर ने 1989 के चुनाव का संदर्भ देते हुए राजीव गांधी और राजमोहन गांधी के बीच हुए मुकाबले की बात उठाई। उन्होंने कांग्रेस पर बूथ कब्जाने के आरोप भी लगाए। हालांकि, ये आरोप ठाकुर के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
‘लोकतंत्र में विपक्ष की भी जवाबदेही’
बीजेपी नेता ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सवाल पूछने का अधिकार है, लेकिन किसी पर आरोप लगाते समय उनके समर्थन में प्रमाण देना भी जरूरी है। उन्होंने राहुल गांधी से आरोपों की राजनीति छोड़कर तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखने की अपील की।
अनुराग ठाकुर ने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में संवैधानिक संस्थाओं ने लोकतंत्र की रक्षा में भूमिका निभाई थी। उन्होंने कांग्रेस पर संविधान और लोकतंत्र के मुद्दे पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप भी लगाया।















