लखनऊ में धर्मगुरुओं, समाजसेवियों और कारोबारी हस्तियों ने मिलकर पेश की इंसानियत और भाईचारे की मिसाल; सैकड़ों प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई राहत
लखनऊ। फैजुल्लागंज में बाढ़ की विभीषिका के बीच सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी और आशियाने का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे मुश्किल हालात में टीम लखनऊ (PECT) ने राहत और सेवा का हाथ बढ़ाते हुए बाढ़ प्रभावित परिवारों को राशन वितरित किया और जरूरतमंदों के लिए सामुदायिक रसोई (लंगर सेवा) की शुरुआत की। इस पहल के माध्यम से प्रभावित लोगों तक भोजन और जरूरी खाद्य सामग्री पहुंचाकर उन्हें राहत देने का प्रयास किया गया।
संस्था की ओर से अमीर खालिद के मदरसे में जरूरतमंद परिवारों को राशन किट वितरित की गईं। इन किटों में चावल, दाल, आटा, तेल, मसाले और सब्जियों सहित रोजमर्रा की जरूरत का सामान शामिल था। इसके साथ ही सामुदायिक रसोई के जरिए बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई, ताकि संकट की इस घड़ी में उन्हें खाने-पीने की समस्या का सामना न करना पड़े।
राहत सामग्री मिलने से प्रभावित परिवारों को काफी सहारा मिला। इस सेवा अभियान ने लोगों को यह भरोसा दिलाया कि मुश्किल समय में समाज उनके साथ खड़ा है और उनकी मदद के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
धर्मगुरुओं और समाजसेवियों ने मिलकर बढ़ाया मदद का हाथ
इस राहत अभियान में शहर की प्रमुख धार्मिक, सामाजिक और कारोबारी हस्तियों ने सहभागिता की। मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्या गिरि महाराज, इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया से मौलाना मुश्ताक नदवी, मौलाना गुफरान, चारबाग गुरुद्वारे के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बग्गा और प्रदीप सिंह बब्बू सहित कई गणमान्य लोगों ने राहत कार्य में योगदान दिया।
इसके अलावा रॉयल कैफे के मैनेजिंग डायरेक्टर मुरलीधर आहूजा, रोहित अग्रवाल, अमीर खालिद, पूर्व आयकर अधिकारी एवं क्रिकेट खिलाड़ी निगहत खान तथा समाजसेवी गुरुजीत छावड़ा और कपिल सिंह ने भी इस अभियान में सहयोग किया। टीम लखनऊ की सहयोगी संस्थाओं, सदस्यों और अन्य समाजसेवियों ने जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
‘मुसीबत में एक-दूसरे का सहारा बनना ही सबसे बड़ा धर्म’
सेवा अभियान के दौरान मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्या गिरि महाराज ने कहा, “मुसीबत के समय एक-दूसरे का सहारा बनना ही सबसे बड़ा धर्म है।”
मौलाना मुश्ताक नदवी ने टीम लखनऊ के प्रयासों की सराहना करते हुए जरूरतमंदों की मदद के लिए इस तरह की पहल को महत्वपूर्ण बताया। वहीं, चारबाग गुरुद्वारे के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बग्गा ने इस अभियान को सच्ची गुरु सेवा की भावना से जुड़ा कार्य बताया।
रॉयल कैफे के मैनेजिंग डायरेक्टर मुरलीधर आहूजा ने कहा, “आपदा की इस घड़ी में जरूरतमंदों की मदद करना हम सभी का सामाजिक दायित्व है। पीड़ित परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लाना ही इस सेवा का सबसे बड़ा उद्देश्य है।”
‘कोई भी परिवार खुद को अकेला महसूस न करे’
संस्था के अध्यक्ष मुर्तजा अली ने कहा, “टीम लखनऊ का संकल्प है कि संकट के समय जरूरतमंदों तक हरसंभव मदद पहुंचाई जाए और कोई भी परिवार खुद को अकेला महसूस न करे।”
वहीं, रोहित अग्रवाल ने कहा, “बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सभी धर्मों और समाज के लोगों का एकजुट होना इंसानियत और भाईचारे की सच्ची मिसाल है।”
टीम लखनऊ के मीडिया प्रभारी अब्दुल वहीद ने कहा कि संस्था राहत और सेवा के माध्यम से पीड़ित परिवारों को सहारा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि समाज के अधिक से अधिक लोग इस नेक कार्य से जुड़ें और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं।

सामाजिक एकता और भाईचारे का दिया संदेश
इस अवसर पर टीम लखनऊ के अध्यक्ष मुर्तजा अली के साथ जुबैर अहमद, वामिक खान, अब्दुल वहीद, मोहम्मद फरहान, बदरुल हसन एडवोकेट, कुदरत उल्ला खान, जसबीर सिंह गांधी, मोहम्मद कैफ, अलीमा अजीम, साबिर अली, फहद और फहीम सहित टीम के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
फैजुल्लागंज में बाढ़ की चुनौती के बीच टीम लखनऊ (PECT) का यह सेवा अभियान मानवता, सामाजिक सद्भाव और आपसी सहयोग की मिसाल बनकर सामने आया। विभिन्न धर्मों और समुदायों से जुड़े लोगों की साझा भागीदारी ने यह संदेश दिया कि प्राकृतिक आपदा के समय इंसानियत ही सबसे बड़ी ताकत है।
राशन वितरण और सामुदायिक रसोई जैसी पहलें न केवल प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाती हैं, बल्कि उनके भीतर उम्मीद और भरोसा भी जगाती हैं। टीम लखनऊ की इस पहल ने एक बार फिर साबित किया कि संकट के समय जरूरतमंदों का साथ देना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।














