शराब घोटाले में घिरे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मिली अंतरिम जमानत पर आज भारत ही नहीं विदेशों में भी चर्चा हो रही है। पाकिस्तान के पूर्व मंत्री ने भी शुक्रवार को केजरीवाल के तिहाड़ जेल से बाहर आने पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है और उसे पीएम मोदी की हार बताया है।पाकिस्तान के पूर्व सूचना एवं प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने और तिहाड़ जेल से रिहाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ‘एक और लड़ाई’ की हार बताया। पाकिस्तानी नेता ने ‘एक्स’ पर कैप्शन के साथ पोस्ट किया, “मोदी जी एक और लड़ाई हार गए #केजरीवाल रिहा… उदारवादी भारत के लिए अच्छी खबर।”गौरतलब है कि दिल्ली शराब नीति मामले मामले में 21 मार्च 2024 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने और 50 दिन तिहाड़ जेल बिताने के बाद शुक्रवार को रिहा कर दिया गया। केजरीवाल को इस शर्त के साथ 1 जून तक अंतरिम जमानत दी गई है कि वह मुख्यमंत्री कार्यालय या दिल्ली सचिवालय नहीं जाएंगे। केजरीवाल को 2 जून को फिर से जेल में सरेंडर करना होगा।फवाद चौधरी ने अपने देश में कानून के शासन की स्थिति पर भी अफसोस जताया है। उन्होंने कहा कि नागरिक समाज, बार एसोसिएशन, मीडिया संगठन और मानवाधिकार संगठन पूरी तरह से शांत हो गए हैं।उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, ”इस्लामाबाद के न्यायाधीशों के ऐतिहासिक रुख के परिणामस्वरूप, न्यायपालिका खड़ी हो गई है, समस्या यह है कि नागरिक समाज, बार एसोसिएशन, मीडिया संगठन, मानवाधिकार संगठन पूरी तरह से शांत हो गए हैं। कानून के शासन का भविष्य दांव पर है।”पिछले कुछ महीनों में पूर्व मंत्री फवाद चौधरी भारतीय राजनीति के घटनाक्रम और चल रहे लोकसभा चुनावों पर मुखर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सत्ता में आने पर वेल्थ रीडिस्ट्रीब्यूशन सर्वे कराने के पार्टी के वादे की भी प्रशंसा की थी। उन्होंने राहुल गांधी की तुलना उनके परदादा और भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू से करते हुए दोनों को समाजवादी बताया था।राहुल गांधी के लिए फवाद चौधरी की प्रशंसा पाकिस्तान के पूर्व मंत्री द्वारा कांग्रेस सांसद का एक वीडियो साझा करने के कुछ दिनों बाद आई थी। जिसमें उन्हें अयोध्या के राम मंदिर की ‘प्राण प्रतिष्ठा’ को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते देखा गया था। उन्होंने राहुल गांधी को ‘राहुल साहब’ कहकर संबोधित किया और ट्वीट किया, “राहुल गांधी में अपने परदादा जवाहरलाल (नेहरू) की तरह एक समाजवादीपन है। विभाजन के 75 साल बाद भी भारत और पाकिस्तान की समस्याएं जस की तस हैं।












