उत्तर प्रदेश विधान परिषद् के बजट सत्र के दौरान सोमवार (16 फरवरी 2026) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर विपक्ष को जमकर खरी-खोटी सुनाई। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए सीएम योगी ने दो टूक कहा कि वंदे मातरम् भारत की आन-बान-शान का प्रतीक है और अगर कोई हिंदुस्तान में रहकर राष्ट्रगीत का सम्मान नहीं करेगा तो यह संविधान का अपमान माना जाएगा। उन्होंने राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने वालों को चेतावनी देते हुए इसकी तुलना सीधे राष्ट्रद्रोह से की। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के प्रति विपक्ष के अमर्यादित व्यवहार पर भी नाराजगी जताई और कहा कि यह केवल लोकतंत्र ही नहीं, बल्कि नारी शक्ति का भी निरादर है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “जिस प्रकार का प्रतिपक्ष है, उससे संवैधानिक प्रमुख का सम्मान करने की अपेक्षा करना बेवकूफी जैसा है।”
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के 9 साल के कार्यकाल की तुलना पिछली सरकारों से करते हुए कहा कि 2017 से पहले यूपी की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ और दंगों से होती थी, लेकिन अब यह प्रदेश ‘टेक, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन’ की त्रिवेणी बन चुका है। उन्होंने प्रयागराज संगम का उदाहरण देते हुए बताया कि यूपी अब ‘फियर जोन’ से निकलकर ‘फेथ जोन’ में बदल गया है। सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी को घेरते हुए कहा कि वे लोग आक्रांताओं का महिमामंडन करते थे और राम भक्तों पर गोलियां चलवाते थे, जबकि आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है और करोड़ों श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा के शासन में कांवड़ यात्रा और जन्माष्टमी पर रोक लगती थी, लेकिन आज यूपी अपनी सांस्कृतिक विरासत और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जैसी महान विभूतियों का सम्मान कर रहा है।
आर्थिक मोर्चे पर प्रदेश की तस्वीर साफ करते हुए योगी आदित्यनाथ ने बताया कि कैसे ‘बीमारू राज्य’ का ठप्पा हटाकर यूपी देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बन रहा है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि 2017 में प्रदेश की जीडीपी मात्र 13 लाख करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। खास बात यह है कि सरकार ने जनता पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया, बल्कि केवल टैक्स चोरी रोककर और पारदर्शिता लाकर राजस्व में यह बढ़ोतरी हासिल की है। सीएम ने कहा कि आज प्रदेश में कानून का राज (Rule of Law) स्थापित है, बेटियां और व्यापारी सुरक्षित हैं और उत्तर प्रदेश अब उपद्रव नहीं, बल्कि उत्सव प्रदेश के रूप में पहचाना जा रहा है।














