ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और इजरायल-अमेरिका के लगातार जारी हवाई हमलों के बीच एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला बयान सामने आया है। भारत में इजरायल के राजदूत रियुवेन अजार ने सोमवार (2 मार्च, 2026) को इस भयंकर युद्ध के भविष्य और इजरायल-अमेरिका की साझा रणनीति को लेकर बड़े खुलासे किए हैं। अजार ने साफ कर दिया है कि किस शर्त पर ईरान पर ये हमले रुक सकते हैं और उनका असली टारगेट क्या है।
2,500 सैन्य ठिकाने निशाने पर
आईएएनएस के साथ एक विशेष बातचीत में इजरायली राजदूत रियुवेन अजार ने मौजूदा सैन्य हालात का ब्यौरा देते हुए कहा कि इस वक्त इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने मिलकर ईरान के आसमान पर पूरी तरह से अपना नियंत्रण कर लिया है। उन्होंने बताया कि उनकी सेना ईरान के 2,500 से अधिक सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बना रही है। ईरान और हिज्बुल्लाह की तरफ से किए जा रहे हमलों को लेकर उन्होंने दावा किया कि इजरायली रक्षा प्रणाली ने ईरान से आने वाली ज्यादातर मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया है।
हालांकि, उन्होंने इस बात पर दुख भी जताया कि एक बैलिस्टिक मिसाइल के सीधे प्रहार से बेत शेमेंश इलाके में नौ निर्दोष नागरिकों की जान चली गई और 50 के करीब लोग घायल हो गए।
शासन परिवर्तन की उम्मीद
ईरान में सत्ता बदलने की संभावनाओं पर बेबाक राय रखते हुए अजार ने कहा कि उन्हें इसकी पूरी उम्मीद है और यह वहां की जनता पर निर्भर करता है। उन्होंने याद दिलाया कि कुछ ही हफ्तों पहले लाखों ईरानियों ने सड़कों पर उतरकर इस क्रूर शासन को बदलने की मांग की थी, लेकिन बदले में उन्हें हजारों निर्दोष लोगों की जान गंवानी पड़ी।
अजार ने स्पष्ट किया कि इन हमलों का मुख्य उद्देश्य सिर्फ ईरान की हमला करने की क्षमता को खत्म करना नहीं है, बल्कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के मुख्यालयों को भी नष्ट करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कार्रवाई के बाद ईरानी जनता को फिर से सड़कों पर उतरने और उस बदलाव की मांग करने का हौसला मिलेगा, जिसके वे असली हकदार हैं।
‘…ताकि ईरान हमले के काबिल न रहे’
खामेनेई की मौत के बाद इजरायल की अगली चुनौती के सवाल पर अजार ने जो जवाब दिया, उसने ट्रंप और नेतन्याहू के मास्टरप्लान को साफ कर दिया। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य ईरान की मिलिट्री क्षमताओं को इस हद तक कमजोर करना है कि वह इजरायल, पड़ोसी देशों और अमेरिकी बेसों पर हमला करने के काबिल ही न रहे।
राजदूत ने ईरान की बची हुई लीडरशिप को सीधी चेतावनी देते हुए कहा, “ऐसी स्थिति बन जाए जिसमें बाकी लीडरशिप जो अभी भी जिंदा है, समझ जाए कि उन्हें रास्ता बदलना होगा, क्योंकि अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो वे अगली लाइन में होंगे।”
पीएम मोदी की सराहना और भविष्य का विजन
इस तनावपूर्ण माहौल के बीच इजरायली राजदूत ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर तारीफ की। पीएम मोदी की हालिया इजरायल यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे दोनों देशों के संबंधों में एक ‘ऐतिहासिक मील का पत्थर’ बताया। अजार ने जोर देकर कहा कि इजरायल, भारत की ही तरह, अपने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि की कामना करता है।
ईरान की ओर से तेल टैंकरों और नागरिक ठिकानों पर किए जा रहे हमलों को उन्होंने पूरी तरह ‘अनावश्यक’ बताया। उन्होंने भविष्यवाणी की कि तेल व्यापार को बाधित करने की ईरान की कोशिशें नाकाम होंगी और जैसे-जैसे सैन्य अभियान आगे बढ़ेगा, ईरान की ताकत कमजोर होगी और आने वाले दिनों में तनाव में कमी आएगी।














