उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। विश्व प्रसिद्ध संत बाबा नीम करोरी महाराज की जन्मस्थली अकबरपुर गांव का नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने अकबरपुर का नाम बदलकर “बाबा नीम करोरी धाम” करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। प्रस्ताव भेजे जाने के बाद बाबा के अनुयायियों और स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि लंबे समय से स्थानीय स्तर पर गांव का नाम बदलने की मांग उठाई जा रही थी, जो अब पूरी होती नजर आ रही है। हर वर्ष बाबा के जन्मदिवस पर यहां बड़े धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें देश-विदेश से श्रद्धालु शामिल होते हैं।
टूंडला तहसील के अकबरपुर गांव का बदलेगा नाम
फिरोजाबाद जनपद की टूंडला तहसील स्थित नागऊ ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले अकबरपुर मजरे का नाम बदलकर बाबा नीम करोरी धाम रखा जाएगा। बाबा नीम करोरी महाराज, जिन्हें हनुमान जी का अवतार माना जाता है, का जन्म लगभग वर्ष 1900 में इसी गांव में एक समृद्ध ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनका मूल नाम लक्ष्मण नारायण शर्मा बताया जाता है।
कम उम्र में छोड़ा घर, फिर अपनाया आध्यात्मिक मार्ग
बताया जाता है कि 11 वर्ष की आयु में विवाह के बाद उन्होंने सांसारिक जीवन त्यागकर संन्यासी जीवन अपना लिया था। हालांकि पिता के आग्रह पर वे कुछ समय के लिए गृहस्थ जीवन में लौटे, लेकिन भगवान राम और हनुमान के प्रति गहरी आस्था के कारण उन्होंने पुनः आध्यात्मिक मार्ग अपनाया और नीम करौरी से लेकर कैंची धाम तक अपनी तपस्या यात्रा जारी रखी।
कैंची धाम आश्रम से बढ़ी वैश्विक पहचान
15 जून 1964 को कैंची धाम में आश्रम की स्थापना के बाद बाबा नीम करोरी महाराज की ख्याति देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में फैल गई। उनके चमत्कारों और आध्यात्मिक प्रभाव की कहानियां व्यापक रूप से प्रसिद्ध हैं। हर वर्ष उनके प्रकट दिवस और जन्मोत्सव पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके गांव पहुंचते हैं। प्रशासन इस स्थान को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर भी काम कर रहा है।
प्रशासन ने शासन को भेजा प्रस्ताव
भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह द्वारा बाबा के जन्मस्थान का नाम बदलने का प्रस्ताव दिया गया था, जिसे जिला प्रशासन ने आगे बढ़ाते हुए शासन को भेज दिया है। साथ ही क्षेत्र के विकास और पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी कार्य जारी है।
जिलाधिकारी रमेश रंजन ने बताया, “बाबा नीम करोरी महाराज का यश कीर्ति और उनके चमत्कार अनंत है. ऐसे पावन संत के जन्म स्थल को विश्व पटल पर स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से शासन को इस स्थल को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए विकास कार्य किए जा रहे हैं. यही नहीं कई अन्य प्रस्ताव भी भेजे गए हैं. जिस पर लगातार काम चल रहा है, अकबरपुर का नाम बदलकर बाबा के नाम पर ही रखे जाने का प्रस्ताव भी भेजा गया है इस प्रस्ताव पर जल्द ही मोहर लग जाएगी और अकबरपुर का नाम बदलकर बाबा नीम करोरी धाम कर दिया जाएगा.”













