अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा और सख्त आदेश जारी किया है। उन्होंने अमेरिकी नौसेना को निर्देश दिया है कि यदि कोई नाव होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश करती दिखाई दे, तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाए। ट्रंप ने यह भी कहा कि फिलहाल होर्मुज पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है और वहां नाकेबंदी जारी रहेगी।
वैश्विक तेल आपूर्ति पर मंडराता खतरा
Strait of Hormuz वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग माना जाता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो इसका असर तेल कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल सकता है।
ईरान-अमेरिका वार्ता पर सस्पेंस, कूटनीतिक हलचल तेज
तनाव के बीच दूसरी तरफ कूटनीतिक स्तर पर हलचल भी तेज हो गई है। पाकिस्तान के गृह मंत्री Mohsin Naqvi ने गुरुवार को अमेरिकी उप राजदूत Natalie Baker से मुलाकात की। इस दौरान इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता के दूसरे दौर को लेकर जारी प्रयासों पर चर्चा हुई। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों को जल्द बातचीत की मेज पर लाने के लिए कोशिशें तेज कर दी गई हैं।
सीजफायर पहल का स्वागत, शांति की उम्मीद
पाकिस्तान गृह मंत्रालय के अनुसार, बैठक में क्षेत्रीय हालात की समीक्षा की गई और प्रस्तावित शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के विकल्पों पर विस्तार से विचार किया गया। नकवी ने राष्ट्रपति Donald Trump की ओर से सीजफायर बढ़ाने की पहल का स्वागत करते हुए इसे तनाव कम करने की दिशा में सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान भी इसी तरह की रचनात्मक प्रतिक्रिया देगा।
पाकिस्तान की सक्रिय भूमिका, सुरक्षा कड़े इंतजाम
नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Asim Munir क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। दोनों पक्षों ने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति के लिए कूटनीतिक संवाद जारी रखने पर जोर दिया। वार्ता को लेकर अनिश्चितता के बीच इस सप्ताह यह उनकी दूसरी बैठक रही, जबकि संभावित बातचीत को ध्यान में रखते हुए इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किए गए हैं।














