पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इस बार वोटिंग ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जिससे सियासी मुकाबला और भी रोमांचक हो गया है। पश्चिम बंगाल में 92 प्रतिशत से अधिक और तमिलनाडु में 84.98 प्रतिशत से ज्यादा मतदान दर्ज किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar ने इसे आजादी के बाद इन दोनों राज्यों में अब तक का सबसे अधिक मतदान बताया और मतदाताओं का आभार जताया।
शांतिपूर्ण मतदान और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था
पश्चिम बंगाल के सीईओ Manoj Kumar Agarwal ने पहले चरण की वोटिंग को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और लोगों ने बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्रों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह CAPF के पास थी और वेबकास्टिंग भी 100 प्रतिशत त्रुटिरहित रही। साथ ही उन्होंने निष्पक्ष चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलों और संबंधित पक्षों को धन्यवाद दिया।
जिलों में 90% से ज्यादा मतदान, लोगों में जबरदस्त उत्साह
राज्य के कई जिलों में मतदान प्रतिशत 90 के पार पहुंच गया। कूचबिहार में 94.80 प्रतिशत, दक्षिण दिनाजपुर में 95 प्रतिशत, बीरभूम में 93.94 प्रतिशत, मुर्शिदाबाद में 93.10 प्रतिशत और मालदा में 92.94 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके अलावा जलपाईगुड़ी (93.65), झारग्राम (91.94), बांकुड़ा (91.59), पश्चिम मेदिनीपुर (91.90) और उत्तर दिनाजपुर (92.87) में भी भारी मतदान दर्ज किया गया, जो मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
ममता बनर्जी का दावा—‘यह जीत का संकेत’
भारी मतदान के बाद मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने इसे अपनी पार्टी के पक्ष में संकेत बताया। कोलकाता में रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक के रुझान तृणमूल कांग्रेस की जीत की ओर इशारा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी पद या कुर्सी तक सीमित नहीं है, बल्कि वे केंद्र में Bharatiya Janata Party की सरकार को हटाना चाहती हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ लोगों ने भारी संख्या में मतदान किया और उनके प्रयासों से 32 लाख नाम फिर से जोड़े गए।
अमित शाह का पलटवार—‘भ्रष्टाचार का अंत तय’
वहीं दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी रिकॉर्ड वोटिंग को बड़ा संकेत बताया और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। हुगली के बालागढ़ में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह मतदान तृणमूल कांग्रेस सरकार के “भ्रष्टाचार के अंत” का संकेत है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी और राज्य में घुसपैठ की समस्या खत्म की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में आने के बाद अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें बाहर निकाला जाएगा। रिकॉर्ड मतदान के बाद अब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों राज्यों में चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है, जहां सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।














