उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार को बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। यह विस्तार 10 मई को दोपहर 3:30 बजे होगा। इस बीच सबसे बड़ी चर्चा इस बात को लेकर है कि जहां कुछ नए चेहरों की एंट्री तय मानी जा रही है, वहीं कई मौजूदा मंत्रियों की कुर्सी भी जा सकती है।
शपथ के लिए कई नेताओं को गया फोन
सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट विस्तार से पहले कई नेताओं को शपथ ग्रहण के लिए फोन किया जा चुका है। जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है उनमें हंसराज विश्वकर्मा, भूपेंद्र चौधरी, कृष्णा पासवान, मनोज पांडेय और कैलाश राजपूत शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि शनिवार रात दिल्ली और लखनऊ के शीर्ष नेताओं के बीच मंत्रिमंडल के अंतिम स्वरूप को लेकर अहम बातचीत होगी। फिलहाल सरकार में छह पद खाली हैं और माना जा रहा है कि सभी सीटों को भरा जा सकता है।
इन नेताओं का मंत्री बनना लगभग तय!
कैबिनेट विस्तार को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडेय, कृष्णा पासवान और सुरेन्द्र दिलेर का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं हंसराज विश्वकर्मा और आशा मौर्य के नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में बताए जा रहे हैं।
बीजेपी संगठन की गतिविधियों ने भी इन अटकलों को और तेज कर दिया है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का रविवार का पूरा कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा सभी मंत्रियों को दोपहर 3 बजे तक लोक भवन पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या कई मौजूदा मंत्रियों का कटेगा पत्ता?
कैबिनेट विस्तार के साथ-साथ कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाए जाने की भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी नाम की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे बड़े फेरबदल के रूप में देखा जा रहा है।
फिलहाल योगी सरकार में 54 मंत्री हैं, जबकि मंत्रिमंडल में कुल 60 मंत्रियों तक की जगह है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि नए चेहरों को जगह देने के लिए कुछ पुराने मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद तेज हुईं चर्चाएं
शनिवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकभवन पहुंचे और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। इसके बाद से ही कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासी हलचल और तेज हो गई थी।
अब आधिकारिक घोषणा के बाद साफ हो गया है कि रविवार का दिन उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए बेहद अहम रहने वाला है।















