ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष को लेकर अब अमेरिकी सैन्य नुकसान पर बड़े दावे सामने आ रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इस युद्ध में अमेरिका को 39 एयरक्राफ्ट का नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि इनमें कई विमान हवा में मार गिराए गए, जबकि कुछ एयरबेस पर हुए हमलों में नष्ट हो गए।
हालांकि अमेरिकी सरकार या पेंटागन की ओर से अभी तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन अमेरिकी संसद में इस मुद्दे पर सवाल उठने के बाद मामला चर्चा का केंद्र बन गया है।
अमेरिकी सीनेटर ने पेंटागन CFO से मांगा जवाब
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी कांग्रेस में एक सीनेटर ने पेंटागन के मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) से सवाल किया कि क्या अमेरिका को वास्तव में 39 एयरक्राफ्ट का नुकसान हुआ है। हालांकि इस सवाल पर पेंटागन के CFO ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
यही वजह है कि अब इन दावों को लेकर राजनीतिक और सैन्य हलकों में बहस तेज हो गई है।
MQ-9 ड्रोन समेत कई सैन्य सिस्टम को नुकसान होने का दावा
दावों के अनुसार अमेरिका को हुए नुकसान में एक दर्जन से ज्यादा MQ-9 UAV भी शामिल हैं। MQ-9 Reaper अमेरिका का एडवांस ड्रोन सिस्टम माना जाता है, जिसका इस्तेमाल निगरानी और सटीक हमलों दोनों के लिए किया जाता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका के कई एयर डिफेंस सिस्टम भी इस युद्ध में प्रभावित हुए हैं। इनमें MIM-104 Patriot मिसाइल सिस्टम, THAAD एयर डिफेंस सिस्टम और Tomahawk मिसाइल शामिल बताए जा रहे हैं।
पैट्रियट और THAAD सिस्टम को माना जाता है बेहद मजबूत
पैट्रियट और THAAD सिस्टम अमेरिका के सबसे आधुनिक और मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम में गिने जाते हैं। इनका इस्तेमाल दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों और हवाई हमलों को रोकने के लिए किया जाता है।
वहीं टॉमहॉक मिसाइल लंबी दूरी तक सटीक हमला करने वाली क्रूज मिसाइल मानी जाती है। ऐसे सिस्टम को नुकसान पहुंचने की खबरें अमेरिका की सैन्य क्षमता को लेकर भी सवाल खड़े कर रही हैं।
अमेरिकी सरकार ने नहीं की आधिकारिक पुष्टि
इन दावों को लेकर अभी तक अमेरिकी सरकार ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पेंटागन भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ये दावे सही साबित होते हैं, तो यह हाल के वर्षों में अमेरिका को हुए सबसे बड़े सैन्य नुकसानों में से एक हो सकता है। खासकर ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम का नुकसान अमेरिकी रणनीति के लिए बड़ा झटका माना जाएगा।
पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ रहे हालात
ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष की वजह से पश्चिम एशिया में पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। ऐसे में युद्ध से जुड़े नुकसान के दावे सामने आने के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक राजनीति को लेकर चिंता और बढ़ गई है।









