समाजवादी पार्टी संस्थापक Mulayam Singh Yadav के छोटे बेटे और Akhilesh Yadav के भाई प्रतीक यादव के निधन के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर नई जानकारी सामने आई है। उनका इलाज कर रहीं डॉक्टर रुचिता शर्मा ने बताया कि प्रतीक यादव केवल एक बीमारी से नहीं, बल्कि कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे।
38 वर्षीय प्रतीक यादव का बुधवार, 13 मई 2026 की सुबह लखनऊ के सिविल अस्पताल में निधन हो गया। उनकी मौत की खबर से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है।
डॉक्टर ने बताया- हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन से भी थे परेशान
मेडिसिन विभाग की एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. रुचिता शर्मा ने कहा कि उन्हें प्रतीक यादव के निधन की खबर से गहरा दुख हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रतीक लंबे समय से उनके यहां इलाज करा रहे थे।
डॉ. शर्मा के मुताबिक, “हमें प्रतीक यादव के निधन की खबर मिली है, और इस नुकसान से हमें गहरा दुख हुआ है. वह हमारे यहां इलाज कराने आते थे. मैं काफी समय से उनका इलाज कर रही थी, उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन जैसी समस्याएं थीं.”
कुछ दिन पहले चला था पल्मोनरी एम्बोलिज्म का पता
डॉक्टर ने बताया कि कुछ दिन पहले प्रतीक यादव को Pulmonary Embolism की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह ऐसी गंभीर स्थिति होती है, जिसमें खून का थक्का धमनियों में जाकर फंस जाता है और ब्लड फ्लो प्रभावित हो जाता है।
उन्होंने कहा, “कुछ ही दिन पहले, उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज़्म होने के बाद यहाँ भर्ती किया गया था- यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें खून का थक्का (blood clot) धमनियों में पहुंचकर वहीं जम जाता है.”
फेफड़ों की रुकावट से दिल पर पड़ा असर
डॉ. रुचिता शर्मा ने बताया कि फेफड़ों में रुकावट की वजह से उनके दिल के काम करने पर भी असर पड़ा था। प्रतीक यादव सांस लेने में दिक्कत और अन्य श्वसन समस्याओं की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे थे।
डॉक्टर के अनुसार, “उनके फेफड़ों में रुकावट के कारण, उनके दिल के काम करने पर बुरा असर पड़ा था. कुछ दिन पहले वह सास लेने में दिक्कत और साँस से जुड़ी अन्य समस्याओं की शिकायत लेकर यहाँ आए थे, और उसी समय उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज़्म का पता चला था.”
ब्लड थिनर दवाएं भी ले रहे थे प्रतीक यादव
डॉक्टर ने बताया कि पल्मोनरी एम्बोलिज्म बेहद गंभीर और जोखिम भरी स्थिति होती है। उन्होंने कहा कि प्रतीक यादव पहले से खून पतला करने वाली दवाएं ले रहे थे और उन्हें अपनी स्वास्थ्य समस्याओं की पूरी जानकारी थी।
डॉ. शर्मा ने कहा, “पल्मोनरी एम्बोलिज़्म की स्थिति, अपने आप में ही, बहुत गंभीर होती है और इसमें काफी जोखिम होता है. वह पहले से ही खून पतला करने वाली दवाएँ ले रहे थे; उन्हें अपनी मेडिकल समस्याओं के बारे में पूरी जानकारी थी और वह अपनी ब्लड प्रेशर की दवाएं नियमित रूप से लेते थे.”
लखनऊ के सिविल अस्पताल में हुआ निधन
प्रतीक यादव ने बुधवार सुबह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित सिविल अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद परिवार, समर्थकों और राजनीतिक नेताओं में शोक का माहौल है।













