संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी स्थित अल-धफरा क्षेत्र में मौजूद बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के बाहरी इलाके में रविवार (17 मई, 2026) को ड्रोन हमले के बाद आग लगने की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया, हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी तरह का रेडियोलॉजिकल खतरा नहीं पैदा हुआ है और सभी सुरक्षा सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
ड्रोन हमले के बाद बिजली जनरेटर में लगी आग
अबू धाबी मीडिया ऑफिस की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के इंटरनल पेरिमीटर के बाहर स्थित एक बिजली जनरेटर में ड्रोन हमले के कारण आग लग गई। घटना के तुरंत बाद संबंधित एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का काम शुरू किया।
अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। साथ ही न्यूक्लियर प्लांट के रेडियोलॉजिकल सेफ्टी लेवल्स पर भी कोई असर नहीं पड़ा है।
UAE अधिकारियों ने क्या कहा?
अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा, ‘अबू धाबी के अधिकारियों ने अल-धफरा क्षेत्र में स्थित बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के इंटरनल पेरिमीटर के बाहर एक बिजली जनरेटर में लगी आग की घटना पर तुरंत कार्रवाई की है. यह आग एक ड्रोन हमले के कारण लगी थी. इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और रेडियोलॉजिकल सेफ्टी लेवल्स पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा है. अधिकारियों ने बताया है कि सभी एहतियाती कदम उठा लिए गए हैं और जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, आगे के अपडेट जारी किए जाएंगे.’
न्यूक्लियर प्लांट की सुरक्षा पर नहीं पड़ा असर
बयान में आगे कहा गया, ‘फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन (FANR) ने इस बात की पुष्टि की है कि इस आग का पावर प्लांट की सुरक्षा या उसकी सभी जरूरी प्रणालियों की कार्यक्षमता पर कोई असर नहीं पड़ा है. पावर प्लांट की सभी इकाइयां सामान्य रूप से कार्य कर रही हैं और जनता से अपील की गई है कि वे सिर्फ आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें और अफवाहों या बिना पुष्टि वाली सूचनाओं को फैलाने से बचें.’
हमले के पीछे किसका हाथ?
फिलहाल UAE प्रशासन ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस ड्रोन हमले के पीछे कौन जिम्मेदार है। हालांकि हाल के महीनों में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान UAE में कई ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
कुछ मामलों में अधिकारियों ने ईरान समर्थित गतिविधियों पर संदेह जताया था। बताया गया था कि इन हमलों का निशाना ऊर्जा प्रतिष्ठान और मैरीटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर रहे हैं। ऐसे में बराकाह न्यूक्लियर प्लांट के पास हुई यह घटना क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर रही है।















