अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया चीन दौरे और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई अहम बैठक के बाद वैश्विक राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है. अब इस मुद्दे पर रूस की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. क्रेमलिन ने संकेत दिए हैं कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आने वाले समय में चीन यात्रा के दौरान इस विषय पर सीधे शी जिनपिंग से चर्चा कर सकते हैं.
ट्रंप अपने तीन दिवसीय चीन दौरे के बाद शुक्रवार को बीजिंग से रवाना हो गए. इस दौरान करीब 40 घंटे तक चली उच्चस्तरीय बैठकों पर दुनिया भर की नजर बनी रही. माना जा रहा है कि इन चर्चाओं में व्यापार, वैश्विक सुरक्षा, तकनीक और पश्चिम एशिया से जुड़े अहम मुद्दों पर बातचीत हुई.
रूस ने क्या कहा?
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन की चीन यात्रा की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन यह दौरा अमेरिका-चीन वार्ता को समझने का अच्छा अवसर होगा.
पेस्कोव ने कहा कि जब दुनिया की दो बड़ी शक्तियां अमेरिका और चीन इतने बड़े स्तर पर बातचीत करती हैं, तो पूरी दुनिया की नजर उस पर रहती है और रूस भी इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है.
वैश्विक राजनीति पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों के मुताबिक ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है. इसे वैश्विक शक्ति संतुलन, व्यापार नीति, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और पश्चिम एशिया के हालात से भी जोड़कर देखा जा रहा है.
ऐसे में रूस की दिलचस्पी इस बात को लेकर बढ़ गई है कि अमेरिका और चीन के बीच किन मुद्दों पर सहमति बनी और इन बातचीतों का अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ सकता है.
बदलते वैश्विक समीकरणों पर रूस की नजर
रूस के बयान को इस संकेत के तौर पर देखा जा रहा है कि बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरणों के बीच मॉस्को भी सक्रिय कूटनीतिक भूमिका बनाए रखना चाहता है. अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती बातचीत के बीच रूस यह समझने की कोशिश में है कि आने वाले समय में वैश्विक रणनीतिक समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं.












