उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज होती नजर आ रही है। नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी अब पूरे उत्तर प्रदेश और देशभर में ‘नगीना मॉडल’ को लेकर जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने 4 जून से ‘सत्ता परिवर्तन यात्रा’ शुरू करने की घोषणा भी की है।
‘व्यवस्था परिवर्तन दिवस’ के रूप में मनाया 4 जून
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी की कोर कमेटी ने 4 जून को ‘व्यवस्था परिवर्तन दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि इसी दिन दो वर्ष पहले लोकसभा चुनाव के नतीजे आए थे, जिसने उनके राजनीतिक आंदोलन को नई मजबूती दी थी।
उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात मॉडल को देश के सामने रखा था, उसी तरह आजाद समाज पार्टी अब नगीना मॉडल को प्रदेश और देश के सामने पेश करेगी।
‘कमजोर वर्ग एकजुट हो जाए तो सत्ता बदल सकती है’
चंद्रशेखर आजाद ने दावा किया कि यदि समाज के कमजोर और वंचित वर्ग एकजुट हो जाएं तो सत्ता परिवर्तन कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि नगीना में जनता ने जिस तरह का समर्थन दिया, उसी मॉडल को आगे बढ़ाकर व्यापक राजनीतिक बदलाव लाने की कोशिश की जाएगी।
4 जून से शुरू हुई सत्ता परिवर्तन यात्रा
आसपा प्रमुख ने बताया कि पार्टी की सत्ता परिवर्तन यात्रा 4 जून से शुरू हो रही है। यात्रा की शुरुआत बिजनौर से की जाएगी और यह मेरठ तथा शामली सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से होकर गुजरेगी। उन्होंने कहा कि अगले चरण में इस यात्रा का विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाएगा।
चंद्रशेखर आजाद ने यह भी बताया कि नगीना की जनता के आशीर्वाद के लिए इंदिरा भवन में एक विशेष सभा का आयोजन किया गया है।
हाउस अरेस्ट किए जाने पर क्या बोले?
खुद को पुलिस द्वारा हाउस अरेस्ट किए जाने के सवाल पर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी पार्टी संविधान में विश्वास रखती है और किसी भी स्थिति का समाधान संवैधानिक तरीके से निकाला जाएगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस का काम जनता की सुरक्षा करना है। यदि किसी तरह की परेशानी आती है तो उसे बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सुलझाया जाएगा।
यात्रा की अनुमति न मिलने पर जताई नाराजगी
सत्ता परिवर्तन यात्रा के लिए अनुमति नहीं मिलने पर चंद्रशेखर आजाद ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पार्टी ने प्रशासन से अनुमति मांगी है, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार उन्हें जनता के बीच जाने और अपनी बात रखने से रोकती है तो इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन माना जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अधिकारियों से बातचीत की जाएगी और समाधान निकालने का प्रयास होगा।
बिजनौर में भाजपा को लेकर बड़ा दावा
चंद्रशेखर आजाद ने दावा किया कि यदि लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा चुनाव में भी बिजनौर की जनता ने एकजुट होकर मतदान किया, तो भारतीय जनता पार्टी जिले की एक भी सीट नहीं जीत पाएगी।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सभी आठ विधानसभा सीटों पर जीत हासिल कर सकती है और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के विधायक विधानसभा में पहुंच सकते हैं।
रोजगार और विकास के मुद्दे भी उठाए
आसपा प्रमुख ने कहा कि वह संसद में लगातार अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठा रहे हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में उद्योग-धंधों की स्थापना से लाखों युवाओं को रोजगार मिल सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग क्षेत्र की मूल समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं। उनके मुताबिक बिजली, पानी और सड़क के अलावा रोजगार और आर्थिक विकास जैसे मुद्दे भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
सरकार पर भेदभाव का आरोप
चंद्रशेखर आजाद ने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों को अधिक संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं, जबकि विपक्षी प्रतिनिधियों के साथ अलग व्यवहार किया जाता है।
उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और आने वाले चुनावों में इसका जवाब भी दे सकती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब वह लोगों को न्याय दिलाने के लिए जाते हैं तो उन्हें रोका जाता है, हालांकि उन्होंने पुलिस को इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया और कहा कि पुलिस सरकार के निर्देशों के अनुसार काम करती है।













