दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। इसी क्रम में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता Sanjay Raut ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रदर्शनकारी युवाओं का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं को देश का भविष्य और भाग्य-विधाता कहा जाता है, वे आज अपने भविष्य को लेकर चिंतित होकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
उद्धव ठाकरे के हवाले से कही बड़ी बात
संजय राउत ने अपने एक्स पोस्ट में Uddhav Thackeray का हवाला देते हुए लिखा कि देश के हजारों युवा अपनी समस्याओं और भविष्य की चिंता को लेकर भीषण गर्मी में सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि युवाओं की परेशानियों और उम्मीदों की आवाज है।
उन्होंने कहा कि जिन युवाओं को देश का भविष्य माना जाता है, वे आज अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए जंतर-मंतर पहुंचने पर मजबूर हुए हैं।
‘कॉकरोच’ कहकर कमतर आंकना सही नहीं
अपने पोस्ट में संजय राउत ने जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन का उल्लेख करते हुए लिखा, “दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच’ का आंदोलन शुरू हो गया है. उन्हें ‘कॉकरोच’ कहकर कमतर आंकना और उन्हें न्याय से वंचित रखना सही नहीं है. नीट पेपर लीक ने लाखों युवाओं को बर्बाद कर दिया है. ये सभी परेशान युवा अब ‘कॉकरोच’ बनकर अपनी आवाज़ उठा रहे हैं.”
राउत ने कहा कि यह आंदोलन उन युवाओं की आवाज है जो विभिन्न परीक्षा संबंधी विवादों और कथित अनियमितताओं से प्रभावित हुए हैं।
सरकार को मांगें सुनने की दी सलाह
संजय राउत ने अपने पोस्ट में सरकार को प्रदर्शनकारियों की मांगों पर ध्यान देने की सलाह भी दी। उन्होंने लिखा, “सरकार को उनकी मांगें सुननी ही होंगी. कॉकरोच को कमज़ोर न समझें, जंतर-मंतर पर हो रहे इस आंदोलन की यही चेतावनी है.”
उनके इस बयान को जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के प्रति समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। हाल के दिनों में परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर युवाओं के बीच नाराजगी का मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है।
जंतर-मंतर पर जारी है प्रदर्शन
गौरतलब है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और अभिभावक शामिल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न परीक्षा संबंधी मुद्दों, विशेष रूप से NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर आवाज उठाई है।
इस बीच, संजय राउत का समर्थन सामने आने के बाद यह आंदोलन राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है।















