प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंगलवार (23 जून) को हुई मुलाकात ने राजधानी दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की अटकलों के बीच हुई इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में यह सवाल तेजी से उठने लगा है कि क्या केंद्र सरकार जल्द ही मंत्रिमंडल में बदलाव करने जा रही है।
राष्ट्रपति भवन में हुई पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस बैठक की जानकारी राष्ट्रपति भवन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की। पोस्ट में कहा गया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की.”
राष्ट्रपति भवन की ओर से इस मुलाकात की तस्वीरें भी जारी की गईं। खास बात यह रही कि यह बैठक पद्म पुरस्कार समारोह से ठीक पहले हुई, जिससे इसकी राजनीतिक अहमियत को लेकर चर्चाएं और तेज हो गईं।
कैबिनेट फेरबदल की अटकलों को मिला बल
राष्ट्रीय राजधानी में पिछले कुछ समय से केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे समय में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की मुलाकात को संभावित कैबिनेट विस्तार या फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, सरकार की ओर से इस बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी प्रशासनिक बदलावों के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे ने बढ़ाई चर्चाएं
मंत्रिमंडल में बदलाव की चर्चाओं को उस समय और बल मिला जब केरल से भाजपा के वरिष्ठ नेता जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह फैसला सामने आया।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। जॉर्ज कुरियन केंद्र सरकार में अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय तथा मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे।
मोदी सरकार 3.0 में मिली थी मंत्री पद की जिम्मेदारी
केरल के कोट्टायम निवासी जॉर्ज कुरियन को वर्ष 2024 में मोदी सरकार 3.0 के गठन के दौरान केंद्रीय मंत्री बनाया गया था। उन्हें भाजपा की ईसाई समुदाय तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति का महत्वपूर्ण चेहरा माना जाता था।
वर्ष 2026 के केरल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें कंजिराप्पल्ली सीट से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
भाजपा में कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं कुरियन
जॉर्ज कुरियन लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं। वह केरल भाजपा के उपाध्यक्ष, पार्टी प्रवक्ता, अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और नेशनल कमीशन फॉर माइनॉरिटीज के बोर्ड सदस्य जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
ऐसे में उनका इस्तीफा राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे संभावित मंत्रिमंडलीय फेरबदल से भी जोड़कर देखा जा रहा है।















