बिहार की राजधानी पटना को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। बुधवार को एक जनकल्याण शिविर में उन्होंने स्पष्ट किया कि पटना में विकसित की जा रही नई ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का नाम ‘पाटलिपुत्र’ रखा जाएगा। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति और विकास योजनाओं को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
नई टाउनशिप को मिलेगा ‘पाटलिपुत्र’ नाम
पटना के फुलवारीशरीफ स्थित नदियावां में आयोजित प्रखंड स्तरीय सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने कहा कि कई जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नेताओं ने उनसे नई टाउनशिप के नाम को लेकर सुझाव दिए थे।
उन्होंने कहा, “श्याम रजक, रामकृपाल यादव, कई वरिष्ठ साथी हमसे मिले थे… लोगों ने कहा कि आप जो टाउनशिप बना रहे हैं… क्योंकि बड़ा टाउनशिप बना रहे हैं… पटना की पहचान एक नए शहर पाटलिपुत्र से होनी चाहिए. कई लोग मुद्दा बनाते हैं कि ये मगध की राजधानी थी, इसका नाम पाटलिपुत्र था… इसका नाम बदल देना चाहिए. मैंने तो इससे बड़े पटना की कल्पना की है… और उसका नाम भी पाटलिपुत्र रखने का काम किया है.”
बिहार कैबिनेट ने दी है 11 नई टाउनशिप को मंजूरी
हाल ही में बिहार सरकार ने राज्य में योजनाबद्ध शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए 11 प्रमुख शहरों में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है।
इन टाउनशिप में आधुनिक आवासीय सुविधाएं, औद्योगिक क्षेत्र, लॉजिस्टिक्स हब और व्यावसायिक केंद्र विकसित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे तेजी से बढ़ते शहरी दबाव को कम करने और नए आर्थिक अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी।
पटना के लिए प्रस्तावित टाउनशिप का नाम ‘पाटलिपुत्र’ रखा गया है, जिसकी पुष्टि मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान की।
किसानों के लिए मुआवजे पर भी बड़ा संकेत
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को मिलने वाले मुआवजे की व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि किसानों को यदि मुआवजा देना है तो वर्तमान व्यवस्था से अधिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा और इस संबंध में कैबिनेट स्तर पर फैसले लिए जाएंगे।
शादी-ब्याह और संकट के समय मिलेगी तत्काल मदद
सम्राट चौधरी ने बताया कि जिला अधिकारियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं ताकि जिन परिवारों के घर में शादी-विवाह या किसी प्रकार की आपात स्थिति हो, उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को कठिन परिस्थितियों में त्वरित सहायता देना है ताकि किसी परिवार को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
टाउनशिप से बदल सकती है बिहार की अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सुशासन, कानून का राज और औद्योगिक विकास सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उनके अनुसार नई टाउनशिप परियोजनाएं रोजगार सृजन, निवेश आकर्षित करने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक टाउनशिप के विकास से बिहार की आर्थिक तस्वीर बदलने में मदद मिलेगी और राज्य में शहरीकरण को नई दिशा मिलेगी।













