पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पार्टी के भीतर जारी असंतोष के बीच टीएमसी की राज्यसभा सांसद रुक्मिणी मलिक उर्फ कोयल मलिक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के तुरंत बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
राज्यसभा से इस्तीफा, फिर भूपेंद्र यादव से मुलाकात
गुरुवार (16 जुलाई, 2026) को रुक्मिणी मलिक उर्फ कोयल मलिक ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की, जिससे उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
हालांकि, इस मुलाकात के उद्देश्य या किसी नई राजनीतिक पारी को लेकर अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
मदन मित्रा के इस्तीफे के बाद बढ़ी TMC की मुश्किलें
कोयल मलिक का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब एक दिन पहले ही टीएमसी विधायक मदन मित्रा ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, वह ऋतब्रत बनर्जी के बागी गुट में शामिल हो गए हैं।
लगातार सामने आ रहे इन घटनाक्रमों ने पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक उठापटक को और तेज कर दिया है।
राज्यसभा में घट रही TMC की संख्या
कोयल मलिक राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने वाली टीएमसी की चौथी सांसद बन गई हैं। इससे पहले सुखेंदु शेखर रॉय, प्रकाश चिक बराइक और सुस्मिता देब भी राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं।
इन इस्तीफों के बाद राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस की संख्या और राजनीतिक स्थिति पर भी असर पड़ने की चर्चा है।
सभापति को लिखा इस्तीफे का पत्र
रुक्मिणी मलिक उर्फ कोयल मलिक ने राज्यसभा के सभापति एवं उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन को संबोधित अपने पत्र में लिखा, ‘आदरणीय सभापति जी, मैं राज्यसभा में अपनी सदस्यता से इस्तीफा देती हूं. इसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए.’
उन्होंने आगे लिखा, ‘मैं राज्यसभा के सभापति, उपसभापति और सचिवालय के सभी कार्यप्रणालियों को अपने कार्यकाल के दौरान प्राप्त सभी सहयोग के लिए आभार व्यक्त करती हूं.’
TMC से लगातार नेताओं के जाने से बढ़ी चिंता
पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय स्तर पर तृणमूल कांग्रेस से नेताओं के इस्तीफों का सिलसिला लगातार जारी रहने को पार्टी के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी छोड़ने वाले कई नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) या उसके सहयोगी दलों के साथ जुड़ चुके हैं।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि इससे पहले टीएमसी के 20 सांसद पार्टी से अलग होकर भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के सहयोगी दल नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल हो चुके हैं।
नोट: इस समाचार में शामिल राजनीतिक दावे संबंधित पक्षों और रिपोर्टों पर आधारित हैं। इन घटनाक्रमों पर संबंधित नेताओं या दलों की ओर से अलग प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति बदल सकती है।















