पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 440 करोड़ रुपये वाले बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी ने इन खातों को फ्रीज करने के साथ-साथ पांच अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी भी की। इस कार्रवाई के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है, जहां टीएमसी इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, जबकि भाजपा इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कह रही है।
440 करोड़ रुपये के बैंक खातों की जांच, पांच जगहों पर ED की रेड
प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार (7 जुलाई, 2026) को तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कथित धन के लेनदेन की जांच के तहत एचडीएफसी बैंक में मौजूद करीब 440 करोड़ रुपये वाले खातों को अपने दायरे में लिया। एजेंसी ने इन खातों को फ्रीज करने के साथ ही पांच अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी भी की।
यह मामला विधानसभा चुनाव के बाद सामने आए विवादित बैंक खातों से जुड़ा है। आरोप है कि इन खातों के माध्यम से कथित तौर पर अनियमित वित्तीय लेनदेन, धन जुटाने और रकम को विभिन्न स्थानों पर भेजने का काम किया गया। इन खातों पर पहले ही डेबिट फ्रीज लगाया जा चुका था और अब ED मनी लॉन्ड्रिंग तथा फंड के स्रोत की विस्तृत जांच कर रही है।
केयरवेल ग्रुप की कंपनियां जांच के दायरे में
ED की जांच का केंद्र केयरवेल ग्रुप की वे कंपनियां हैं, जो एविएशन सेक्टर में कार्यरत हैं। एजेंसी के अनुसार, अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच AITC के खातों से करीब 160 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी एक अन्य कंपनी को ट्रांसफर किए गए।
जांच एजेंसी का दावा है कि इसके बाद वर्ष 2023 से 2026 के दौरान केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने लगभग 82.96 करोड़ रुपये अपनी ही एक नई कंपनी को भेज दिए।
विमान और हेलीकॉप्टर खरीद में धन इस्तेमाल होने का दावा
छापेमारी के दौरान ED को जानकारी मिली कि ट्रांसफर की गई रकम का बड़ा हिस्सा एक कंपनी के माध्यम से एम्ब्रेयर लेगेसी 600 विमान और अगस्ता 109 एसपी हेलीकॉप्टर खरीदने में लगाया गया। एजेंसी के मुताबिक इन दोनों की खरीद पर करीब 112 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
ED का यह भी दावा है कि हेलीकॉप्टर की खरीद में कुछ विदेशी फंड का उपयोग किया गया, जबकि अधिकांश राशि सीधे AITC के खातों से आई थी।
ED का दावा, खरीद के बाद AITC को ही किराये पर दिए गए विमान
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, विमान और हेलीकॉप्टर खरीदने के बाद उन्हें किराये पर AITC को ही उपलब्ध कराया गया। इसके बदले विमान के उपयोग के नाम पर बड़ी रकम का भुगतान किया गया। ED का कहना है कि पहली नजर में पूरा वित्तीय लेनदेन संदिग्ध प्रतीत होता है और एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस धन का वास्तविक उपयोग किस उद्देश्य से किया गया।
बंगाल की राजनीति में बढ़ा विवाद, हाईकोर्ट पहुंचा मामला
ED की कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। टीएमसी इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बता रही है, जबकि भाजपा इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करार दे रही है।
सूत्रों के मुताबिक, जिन स्थानों पर छापेमारी हुई उनमें केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का कार्यालय भी शामिल है। आरोप है कि यह कंपनी पहले टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का नाम भी लिया जा रहा है, को चार्टर्ड विमान उपलब्ध कराती थी। फिलहाल जांच एजेंसी इन वित्तीय लेनदेन और फंड के स्रोत की गहन जांच कर रही है।
इस बीच मामला कोलकाता हाईकोर्ट भी पहुंच चुका है। ममता बनर्जी गुट ने बैंक खातों पर लगी रोक को अदालत में चुनौती दी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। इसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच और तेज कर दी है। एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि खातों में जमा इतनी बड़ी राशि कहां से आई और उसका इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया गया। मामले की जांच फिलहाल जारी है।















