NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी CJP आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत को लेकर नया मोड़ आ गया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था कि छात्रों के प्रतिनिधियों से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में बातचीत की जा सकती है, लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।
CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि पार्टी जेपी नड्डा के घर या उनके कार्यालय में बातचीत नहीं करेगी। उनका कहना है कि यदि वार्ता करनी है तो वह या तो जंतर-मंतर पर हो या फिर किसी ऐसे न्यूट्रल स्थान पर, जिस पर दोनों पक्ष सहमत हों।
जंतर-मंतर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए CJP नेता आशुतोष रांका ने कहा, “जंतर-मंतर पर वो लोग आने से डर रहे हैं. हम लोगों ने कहा कि आप कोई ऐसी जगह सजेस्ट कर दीजिए, जहां पर न आपका घर हो, न जंतर-मंतर हो. कोई बीच की जगह सुझा दो. अभी भी जितेंद्र सिंह बोल रहे हैं कि हम नड्डा जी के ऑफिस पर या घर पर मीटिंग कर सकते हैं.”
इसके बाद आशुतोष रांका ने मंच से मौजूद छात्रों से पूछा कि क्या प्रतिनिधिमंडल को जेपी नड्डा के घर या कार्यालय में बातचीत के लिए जाना चाहिए। इस पर प्रदर्शन में मौजूद छात्रों ने एक स्वर में ‘ना’ में जवाब दिया।
CJP ने बातचीत के लिए रखीं दो शर्तें
आशुतोष रांका ने कहा कि पहली शर्त यह है कि बातचीत जंतर-मंतर या किसी न्यूट्रल स्थान पर ही होगी। उन्होंने कहा, “जनता ने मना कर दिया है कि मीटिंग होगी तो नड्डा जी के घर पर नहीं होगी. या तो जंतर-मंतर पर होगी या कोई न्यूट्रैल वेन्यू पर होगी.”
उन्होंने दूसरी शर्त रखते हुए कहा, “दूसरी शर्त हमने सरकार से ये रखी है कि इस बार हमें हवाबाजी नहीं चाहिए. अगर आप हमसे मीटिंग कर रहे हो तो आप हमारा फालतू का टाइम बर्बाद नहीं कर सकते. आप अगर हमसे मीटिंग कर रहे तो हमें कुछ न कुछ कॉन्क्रीट चाहिए. आपके हमारी कुछ मांगे माननी पड़ेंगी. नहीं तो आपका बताना पड़ेगा कि कितने दिनों में आप हमारी मांगे मानेंगे.”
‘हम छोटे लोग हैं, लेकिन जनता हमारे साथ है’
सरकार को संदेश देते हुए आशुतोष रांका ने कहा, “आप बड़े लोग हैं, हम छोटे लोग हैं. लेकिन छोटे लोगों के पीछे पूरे देश की जनता है. देश की जनता ने बोला है कि मीटिंग नड्डा जी के घर पर या ऑफिस पर नहीं होगी. नहीं होगी तो नहीं होगी!”
गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से अब तक कई बार बातचीत का प्रस्ताव दिया जा चुका है। वहीं CJP का कहना है कि वह संवाद के लिए तैयार है, लेकिन बैठक ऐसे स्थान पर होनी चाहिए जिसे दोनों पक्ष निष्पक्ष मानें और बातचीत केवल औपचारिकता न होकर ठोस परिणाम देने वाली हो।















