संसद के मानसून सत्र में पिछले कई दिनों से जारी गतिरोध के बीच अब सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत से समाधान निकलने की संभावना दिखाई दे रही है। केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि सरकार छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर जवाब देंगे, लेकिन विपक्ष को सदन में हंगामा नहीं करने का भरोसा देना होगा।
छात्रों के मुद्दे पर चर्चा के लिए सरकार तैयार
केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार, 10 अगस्त को कहा, ”गृह मंत्री का जवाब सुनेंगे, ये आपको (विपक्ष) विश्वास दिलाना पड़ेगा. चर्चा करना है तो सही तरीके से चर्चा करना चाहते हैं. हम पुलिस एक्शन से लेकर छात्र आंदोलन से जुड़े हर विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं.”
सरकार की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र के दौरान विपक्ष लगातार विभिन्न मुद्दों को लेकर सदन में विरोध प्रदर्शन कर रहा है। सरकार का कहना है कि यदि विपक्ष चर्चा के दौरान सदन की कार्यवाही को बाधित नहीं करता है तो छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई से जुड़े विषयों पर चर्चा की जा सकती है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर भी बयान की मांग
दूसरी ओर, विपक्षी सूत्रों का कहना है कि यदि गृह मंत्री छात्रों से जुड़े मुद्दे पर सदन में बयान देने के लिए तैयार हैं तो अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले पर भी उन्हें बयान देना चाहिए। विपक्ष का कहना है कि जब तक दोनों मुद्दों पर गृह मंत्री का बयान नहीं आता, तब तक संसद में जारी गतिरोध खत्म नहीं होगा।
संसद परिसर में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी कहा कि उन्हें लगता है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में बयान देने तक गतिरोध जारी रहेगा।
मानसून सत्र में लगातार हंगामा, 16वें दिन भी प्रश्नकाल नहीं
संसद के मानसून सत्र में करीब तीन सप्ताह से लगातार हंगामा देखने को मिल रहा है। सोमवार को सत्र के 16वें दिन भी सदन की कार्यवाही प्रभावित रही और प्रश्नकाल नहीं हो सका। सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सांसदों ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया।
विपक्षी सांसदों ने अलग अंदाज में किया प्रदर्शन
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों के सांसद लगातार अलग-अलग तरीकों से संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को समाजवादी पार्टी के सांसद पानी और दूध लेकर संसद परिसर पहुंचे और अपने तरीके से विरोध दर्ज कराया।
विपक्ष के लगातार विरोध और हंगामे के कारण महिला आरक्षण, परिसीमन और विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम यानी FCRA से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों के भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। मानसून सत्र अब अपने आखिरी सप्ताह में पहुंच चुका है, ऐसे में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म होना इन महत्वपूर्ण विधेयकों के लिए भी अहम माना जा रहा है।















