प्रयागराज में भारी बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई स्थानों पर सड़कों और गलियों में कई फीट तक पानी भरने के कारण लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे बने कि कुछ जगहों पर लोगों को अपने घरों की पहली और दूसरी मंजिल पर शिफ्ट होना पड़ा। शहर में पैदा हुए इन हालात पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जलभराव पर केशव मौर्य ने जताई नाराजगी
प्रयागराज में बारिश के बाद बने हालात को लेकर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने नगर में जलभराव को गंभीर समस्या बताते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा, “प्रयागराज में बारिश के दौरान जलभराव से नगरवासियों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. कारण चाहे जो भी हो, जनहित में इसका स्थायी समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित किया जाए. समय रहते आवश्यक कदम उठाए गए होते तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती. जिला प्रशासन और संबंधित विभाग तत्काल प्रभावी कार्रवाई करें तथा भविष्य में ऐसे संकट की पुनरावृत्ति रोकने के ठोस उपाय सुनिश्चित करें.”
डिप्टी सीएम के इस बयान के बाद नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। उन्होंने स्थायी समाधान के साथ भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं आने देने के लिए ठोस व्यवस्था करने पर जोर दिया है।
सड़क से घरों तक पहुंचा बारिश का पानी
भारी बारिश के बाद प्रयागराज के कई हिस्सों में सड़कों और गलियों में पानी जमा हो गया। कई स्थानों पर जलभराव इतना ज्यादा रहा कि लोगों को पानी के बीच से होकर आने-जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई इलाकों में घरों तक पानी पहुंच गया, जिसके चलते लोगों को ऊपरी मंजिलों का सहारा लेना पड़ा। जलभराव ने रोजमर्रा की गतिविधियों के साथ यातायात व्यवस्था को भी प्रभावित किया है।
बारिश के बाद सामने आए इन हालात ने नगर निगम की नाला सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि नालों की नियमित सफाई और पानी की निकासी की उचित व्यवस्था होती तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
करोड़ों के खर्च और नाला सफाई के दावों पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों के दोनों तरफ मौजूद नालों की सफाई और जल निकासी को लेकर पहले से दावे किए जाते रहे हैं। इसके अलावा व्यवस्था सुधारने पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने की बात भी कही जाती रही है।
इसके बावजूद बारिश होते ही शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति सामने आने से लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जल निकासी की तैयारियों में कमी कहां रह गई। लोगों का कहना है कि बारिश से पहले जरूरी इंतजाम किए गए होते तो उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
BJP मेयर वाले शहर में डिप्टी CM की नाराजगी चर्चा में
प्रयागराज नगर निगम में बीजेपी का मेयर होने के बीच डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की जलभराव को लेकर नाराजगी राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गई है। उनके बयान को अपनी ही सरकार की स्थानीय व्यवस्था पर नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, मौर्य ने अपने बयान में किसी व्यक्ति या संस्था पर सीधे आरोप लगाने के बजाय जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई करने तथा समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने को कहा है।
अब स्थायी समाधान की मांग
जलभराव से परेशान स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान ऐसी स्थिति पैदा होने के बजाय स्थायी समाधान पर काम किया जाना चाहिए। लोगों को उम्मीद है कि डिप्टी सीएम के निर्देश के बाद प्रशासन और नगर निगम जल निकासी व्यवस्था को लेकर प्रभावी कदम उठाएंगे।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रयागराज के जलभराव प्रभावित इलाकों को मौजूदा संकट से कब तक राहत मिलती है और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए प्रशासन किस तरह की स्थायी व्यवस्था करता है।















