भाजपा के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। पत्नी जयलक्ष्मी शर्मा ने कहा कि दिनेश शर्मा ने अब तक मिली सभी जिम्मेदारियों को पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ निभाया है और उन्हें भरोसा है कि नई जिम्मेदारी में भी उनका यही रवैया कायम रहेगा।
जयलक्ष्मी शर्मा ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, “वो अपनी जिम्मेदारियों को हमेशा से बहुत अच्छे से निभाते रहे हैं और मुझे उम्मीद है कि वो उतनी ही मेहनत, जिम्मेदारी से, ईमानदारी से इस पद के लिए भी काम करेंगे. बहुत खुशी का माहौल है. पूरा परिवार रात में इकट्ठा हुआ और हम सबने खूब एन्जॉय किया.”
नई जिम्मेदारी के साथ चुनौतियों का भी सामना
दिनेश शर्मा की नई नियुक्ति को लेकर परिवार में खुशी के साथ-साथ जिम्मेदारियों और चुनौतियों को लेकर भी चर्चा है। जयलक्ष्मी शर्मा ने नई भूमिका से जुड़ी चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा, “ये जिम्मेदारी और चुनौतियां हम दोनों के ही सामने हैं.”
राष्ट्रपति भवन की ओर से शनिवार देर रात उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी की गई। दिनेश शर्मा वर्ष 2023 में राज्यसभा के लिए चुने गए थे। इससे पहले वह मार्च 2017 से 2022 तक उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के पद पर रहे।
लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर से राजनीति तक का सफर
राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने से पहले डॉ. दिनेश शर्मा लखनऊ विश्वविद्यालय में वाणिज्य के प्रोफेसर रहे हैं। उन्होंने वर्ष 1988 में विश्वविद्यालय में अध्यापन शुरू किया था। उनका अपना शिक्षण संस्थान भी है। राजनीतिक क्षेत्र में उनका सफर आरएसएस की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से शुरू हुआ।
लखनऊ का महापौर बनने से पहले वह भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। दिनेश शर्मा को लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े और मिलनसार नेताओं में गिना जाता है।
दो बार लखनऊ के मेयर चुने गए
डॉ. दिनेश शर्मा ने नगर राजनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वह दो बार लखनऊ के महापौर चुने गए। पहली बार नवंबर 2006 में उन्होंने महापौर का चुनाव जीता था। इसके बाद जुलाई 2012 में वह दूसरी बार इस पद पर निर्वाचित हुए।
भाजपा में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। अगस्त 2014 में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसके बाद उन्हें गुजरात का प्रभारी बनाया गया। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद शुरू हुए सदस्यता अभियान की राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी भी उन्हें दी गई थी।
राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री के तौर पर राजनीतिक एवं प्रशासनिक अनुभव रखने वाले डॉ. दिनेश शर्मा को भाजपा के मौजूदा नेतृत्व के करीबी नेताओं में माना जाता है। अब उन्हें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।














