रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से पहले क्रेमलिन ने दोनों देशों के बीच होने वाली अहम बातचीत को लेकर कई बड़े संकेत दिए हैं। रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने स्पुतनिक इंडिया की ब्रीफिंग में भारत-रूस संबंधों से लेकर यूक्रेन संघर्ष और रूसी सेना में भारतीय नागरिकों की मौजूदगी जैसे कई अहम मुद्दों पर जवाब दिया।
पुतिन भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शुक्रवार, 11 सितंबर को द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इससे पहले पेस्कोव ने बैठक के संभावित एजेंडे की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों नेताओं के बीच भारत में नए परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने और रूस के Su-57 लड़ाकू विमान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
भारत-रूस संबंधों पर पेस्कोव ने क्या कहा?
दिमित्री पेस्कोव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच संबंधों को मजबूत बताया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच अच्छे रिश्ते हैं और वे दुनियाभर के महत्वपूर्ण मुद्दों पर लगातार बातचीत करते रहते हैं।
पेस्कोव ने भारत को रूस का रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि यह साझेदारी दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और रूस के बीच आर्थिक सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
रूसी सेना में भारतीयों की मौजूदगी पर क्या बोले?
ब्रीफिंग के दौरान जब पेस्कोव से भारतीय नागरिकों को कथित तौर पर जबरन रूसी सेना में शामिल किए जाने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में सूची तैयार की जा रही है।
उन्होंने बताया कि यह पता लगाया जा रहा है कि इस समय कितने भारतीय नागरिक रूस के बैटलफील्ड में मौजूद हैं। पेस्कोव के मुताबिक, ऐसे भारतीयों की सूची तैयार की जा रही है और उन्हें वापस भारत भेजा जाएगा।
अमेरिका के प्रस्तावित टैरिफ पर रूस का कड़ा रुख
रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी शुल्क लगाने के अमेरिका के प्रस्तावित कदम पर भी क्रेमलिन ने प्रतिक्रिया दी। दिमित्री पेस्कोव ने इस प्रस्ताव को अवैध और अस्वीकार्य बताया।
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की बैठक के दौरान रूस पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों और वैश्विक व्यापार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है।
यूक्रेन युद्ध पर भारत की भूमिका का रूस ने किया स्वागत
यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की कोशिशों में भारत के योगदान की इच्छा का रूस ने स्वागत किया है। पेस्कोव ने कहा कि रूस यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के प्रयासों में भारत के योगदान की इच्छा का स्वागत करता है।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की एससीओ समिट से इतर मुलाकात हुई थी। उस बैठक के दौरान पीएम मोदी ने युद्ध को खत्म करने और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत पर जोर दिया था।
BRICS देशों के 90 फीसदी लेनदेन राष्ट्रीय मुद्राओं में
दिमित्री पेस्कोव ने ब्रिक्स को लेकर भी अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ब्रिक्स देश अब करीब 90 फीसदी लेनदेन अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं में कर रहे हैं।
उन्होंने भारत के ब्रिक्स नेतृत्व की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि आगामी शिखर सम्मेलन से अच्छे परिणाम सामने आएंगे। पेस्कोव ने कहा कि पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बेहद करीबी व्यक्तिगत संपर्क हैं और दोनों नेता सबसे संवेदनशील मुद्दों पर भी एक-दूसरे के साथ बातचीत करने में सक्षम हैं।
11 से 13 सितंबर तक होगा BRICS Summit 2026
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 11 से 13 सितंबर तक किया जाएगा। इस बार भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और सम्मेलन में सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे।
सम्मेलन के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, तकनीक, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। ऐसे में पुतिन का भारत दौरा और पीएम मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक भारत-रूस संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।














