जादवपुर यूनिवर्सिटी को लेकर पश्चिम बंगाल में जारी सियासी और छात्र राजनीति के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने राष्ट्रविरोधी ताकतों का समर्थन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि अगर जादवपुर यूनिवर्सिटी में ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे नारे लगाए गए तो वह गांधीजी की नहीं, नेताजी की भाषा में जवाब देंगे।
विधानसभा में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यादवपुर विश्वविद्यालय को 1,300 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जाएगा, लेकिन भारत को तोड़ने की बात करने वालों के ‘टुकड़े-टुकड़े’ कर दिए जाएंगे। जादवपुर यूनिवर्सिटी को लेकर पिछले दिनों हुए विवाद के बाद मुख्यमंत्री लगातार इस मुद्दे पर आक्रामक नजर आ रहे हैं।
यूनिवर्सिटी स्टाफ के ट्रांसफर बिल पर भी बोले CM
टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ के एक यूनिवर्सिटी से दूसरे संस्थान में ट्रांसफर की सुविधा से जुड़े संशोधन बिल को विधानसभा में पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित कानून के तहत तथाकथित पंडितों को नए बनाए गए संस्थानों में भेजा जाएगा, जिससे उन्हें लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इस बिल का उद्देश्य विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और सरकार के प्रति जवाबदेही के बीच संतुलन कायम करना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, नए प्रावधानों से PhD सुपरविज़न और प्रोजेक्ट्स पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग बिल के प्रावधानों से खुश नहीं हैं, वे अपनी नौकरी छोड़ सकते हैं।
धीरेंद्र शास्त्री के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री ने जादवपुर यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर गोपाल सेन की 1970 में हुई हत्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार इस घटना की जांच के लिए एक पैनल का गठन कर सकती है।
बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के मांस को लेकर दिए गए बयान पर हुए विवाद का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कोलकाता पुलिस कमिश्नर को निर्देश देंगे कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हालिया विरोध-प्रदर्शन के दौरान धर्मगुरु की तस्वीरें जलाने वाले लोगों को गिरफ्तार किया जाए।
Jadavpur University में झड़प के बाद बढ़ा विवाद
दरअसल, पिछले दिनों जादवपुर यूनिवर्सिटी में वामपंथी छात्र संगठनों और RSS से जुड़े ABVP के बीच झड़प हुई थी। इसके बाद से ही विश्वविद्यालय परिसर को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को गोलपार्क से 3 किलोमीटर लंबी ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ (केसरिया सम्मान मार्च) का नेतृत्व किया था।
यात्रा के बाद उन्होंने कैंपस के बाहर 8B बस स्टैंड पर मौजूद लोगों को संबोधित किया। इसी दौरान जादवपुर यूनिवर्सिटी में राष्ट्रविरोधी नारों और भारत को तोड़ने की बात करने वालों को लेकर उन्होंने अपने सख्त रुख का संकेत दिया।















