गंभीर बीमारी, सड़क दुर्घटना या किसी अन्य मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में शुरुआती एक घंटा मरीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान केवल इलाज ही जरूरी नहीं होता, बल्कि घटना की सही जानकारी, एंबुलेंस की उपलब्धता, अस्पताल को समय पर सूचना और मरीज के इलाज की तैयारी भी तेजी से होना जरूरी है।
इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए लखनऊ का हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी स्टार्टअप HindCare MedTech इमरजेंसी हेल्थकेयर को तकनीक से जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है। स्टार्टअप ऐसी तकनीक विकसित करने पर काम कर रहा है, जिससे इमरजेंसी की स्थिति में मरीज, रिस्पॉन्स टीम, एंबुलेंस और अस्पताल के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सके।
‘Golden Hour’ पर केंद्रित है HindCare MedTech
यूपी स्टार्टअप मिशन के सीईओ सुमित महाजन के मुताबिक, प्रदेश में स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 के तहत राज्य को देश के प्रमुख स्टार्टअप इकोसिस्टम में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस नीति के तहत यू-हब जैसे डीप-टेक इनक्यूबेशन सेंटर, 20 नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, जिला स्तर पर इनक्यूबेशन सुविधाओं का विस्तार और स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता देने का प्रावधान किया गया है।
इसी व्यवस्था के तहत मेडिकल क्षेत्र में काम कर रहे HindCare MedTech को लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई के STPI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में इनक्यूबेट किया गया है।
स्टार्टअप का पूरा फोकस इमरजेंसी के ‘Golden Hour’ पर है। इस दौरान मरीज की समय पर पहचान, उसे अस्पताल तक पहुंचाना और तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होता है। स्टार्टअप का मूल विचार है कि सही मरीज को सही समय पर सही जानकारी के साथ सही अस्पताल तक पहुंचाया जा सके।
दुर्घटना की सूचना से अस्पताल तक बनेगा तकनीकी कनेक्शन
यूपी स्टार्टअप मिशन के सीईओ सुमित महाजन ने बताया कि HindCare MedTech की प्रमुख पहल LifeDash Smart Crash Detection और Emergency Alert Platform है। इसे संभावित सड़क दुर्घटना की पहचान करने और रियल टाइम मॉनिटरिंग के जरिए इमरजेंसी नोटिफिकेशन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है।
इस तकनीक के जरिए दुर्घटना की जगह से इमरजेंसी रिस्पॉन्डर, एंबुलेंस सेवा और अस्पताल तक सूचना के प्रवाह को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि दुर्घटना के बाद जरूरी जानकारी अलग-अलग स्तरों तक तेजी से पहुंच सके।
स्टार्टअप की योजना सिर्फ दुर्घटना का पता लगाने तक सीमित नहीं है। इसके तहत एक कनेक्टेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की परिकल्पना की गई है, जिसमें घटनास्थल से अस्पताल तक आवश्यक जानकारी और समन्वय बेहतर तरीके से हो सके।
इस तरह की व्यवस्था से सूचना पहुंचने और विभिन्न टीमों के बीच तालमेल में होने वाली देरी को कम करने में मदद मिल सकती है। इसका उद्देश्य Golden Hour के दौरान मरीज तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने भी प्रस्तुत की तकनीक
HindCare MedTech के संस्थापक ने हाल ही में गोरखपुर में आयोजित एक स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी कार्यक्रम में अपनी तकनीक और विजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने भी प्रस्तुत किया।
इस दौरान स्टार्टअप की टीम ने इमरजेंसी हेल्थकेयर में तकनीक के इस्तेमाल और मरीज, एंबुलेंस तथा अस्पताल के बीच बेहतर कनेक्टिविटी की अपनी परिकल्पना साझा की।
स्टार्टअप की टीम में डॉ. आयुष सिंह फाउंडर एवं डायरेक्टर के रूप में क्लीनिकल विजन और हेल्थकेयर रणनीति का नेतृत्व कर रहे हैं। HindCare MedTech की पहल का फोकस इमरजेंसी के दौरान सूचना और समन्वय को बेहतर बनाने वाली तकनीक विकसित करने पर है, ताकि मरीज को जरूरत के समय सही चिकित्सा सहायता तक पहुंचाने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सके।









