उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार मतदान प्रक्रिया पर निगरानी बढ़ाने के लिए प्रदेश के हर पोलिंग बूथ पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। आयोग का उद्देश्य मतदान के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करना और किसी भी तरह की गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने में मदद करना है।
UP Election 2027: हर पोलिंग बूथ पर होगी CCTV से निगरानी
उत्तर प्रदेश में 18वीं विधानसभा के गठन के लिए वर्ष 2027 में चुनाव होने हैं। इन चुनावों को लेकर निर्वाचन आयोग प्रदेश के प्रत्येक मतदान केंद्र तक निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। अब तक करीब 50 प्रतिशत मतदान केंद्रों पर ही सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते थे, लेकिन इस बार सभी बूथों पर कैमरे और इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में करीब 1.77 लाख पोलिंग बूथ हैं। इतने बड़े स्तर पर सीसीटीवी कैमरे और इंटरनेट कनेक्टिविटी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है।
नवंबर में यूपी आएंगे वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा के मुताबिक, चुनाव की तैयारियों को लेकर आयोग लगातार समीक्षा बैठकें कर रहा है। भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग नवंबर में उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे और चुनावी तैयारियों का जायजा लेंगे। इसके बाद दिसंबर में आयोग की टीम भी प्रदेश पहुंचकर व्यवस्थाओं की समीक्षा करेगी।
UP Voter List: मतदाता सूची को दुरुस्त करने पर जोर
विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को अपडेट करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोग की कोशिश है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल होने से न छूटे। इसके लिए बूथ स्तर पर मतदाता सूची की समीक्षा की जा रही है और यह जिम्मेदारी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को सौंपी गई है।
सभी बीएलओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर सप्ताह कम से कम 25 मतदाताओं से संपर्क करें। इस दौरान पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए जरूरी कार्रवाई की जाएगी, ताकि योग्य मतदाता चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।
राजनीतिक दलों से भी सहयोग लेने की तैयारी
चुनाव को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए हैं। इन बैठकों के जरिए राजनीतिक दलों से मतदाता सूची में पात्र लोगों के नाम जुड़वाने के अभियान में सहयोग देने की अपील की जाएगी।
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी पत्र में भी राजनीतिक दलों के सहयोग से इस अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया है। इससे मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने और पात्र नागरिकों को मतदान प्रक्रिया से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
चुनाव ड्यूटी करने वाले कर्मचारी भी डाल सकेंगे वोट
चुनाव आयोग ने मतदान के दिन ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के मतदान की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया है। ऐसे कर्मचारी अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे और इसके लिए नियमानुसार पोस्टल बैलेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर चुनाव ड्यूटी में तैनात होने वाले कर्मचारियों का विवरण जुटाने के निर्देश दिए हैं, ताकि उन्हें मतदान करने में किसी तरह की परेशानी न हो।















