नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2025: ऑनलाइन शॉपिंग का अनुभव अब और आसान होने जा रहा है। ओपनएआई ने अमेरिका में अपने चैटजीपीटी यूज़र्स के लिए “इंस्टेंट चेकआउट” फीचर लॉन्च किया है। इस फीचर की मदद से ग्राहक चैट से बाहर निकले बिना ही प्रोडक्ट चुनकर खरीदारी पूरी कर सकेंगे।
चैट में ही शॉपिंग का अनुभव
इस सुविधा के जरिए अमेरिका के चैटजीपीटी प्रो, प्लस और फ्री यूज़र्स अब सीधे Etsy और जल्द ही Shopify पर मौजूद लाखों विक्रेताओं से सामान खरीद पाएंगे। लोकप्रिय ब्रांड्स जैसे Glossier, Skims, Spanx और Vuori भी इसमें शामिल होंगे।
उदाहरण के लिए, यदि कोई यूज़र चैट में पूछे – “दोस्त के लिए कौन-सा सेरामिक गिफ्ट सही रहेगा?” – तो चैटजीपीटी न केवल विकल्प सुझाएगा, बल्कि कीमत, रिव्यू और तस्वीर के साथ सीधा “Buy” बटन भी देगा।
आसान और सुरक्षित भुगतान
इंस्टेंट चेकआउट में ग्राहक क्रेडिट कार्ड, एप्पल पे, गूगल पे और स्ट्राइप से पेमेंट कर सकते हैं। एक क्लिक पर ही डिलीवरी और पेमेंट कंफर्मेशन पूरा हो जाएगा। इससे ग्राहकों को पारंपरिक ई-कॉमर्स वेबसाइट या सर्च इंजन पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
ई-कॉमर्स जगत में बदलते समीकरण
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह फीचर गूगल और अमेज़न जैसे दिग्गजों के लिए चुनौती साबित हो सकता है। जहां बड़ी कंपनियां अक्सर अपने प्रोडक्ट्स को प्रमोट करती हैं, वहीं ओपनएआई का दावा है कि चैटजीपीटी में दिखाई जाने वाली सिफारिशें केवल यूज़र की पसंद और प्रासंगिकता पर आधारित होंगी, न कि प्रायोजित विज्ञापनों पर।
तकनीक और सुरक्षा
यह फीचर स्ट्राइप के सहयोग से विकसित किया गया है और इसके पीछे की तकनीक Agentic Commerce Protocol (ACP) को ओपन-सोर्स कर दिया गया है। इसका अर्थ है कि व्यापारी और डेवलपर्स भी इसे अपने प्लेटफॉर्म्स में जोड़ सकेंगे। कंपनी का कहना है कि भुगतान और ऑर्डर प्रोसेस सीधे व्यापारी के सिस्टम से होता है, चैटजीपीटी केवल एक सुरक्षित माध्यम (फैसिलिटेटर) की तरह काम करता है।
आगे क्या होगा?
एआई चैटबॉट्स अब सिर्फ जानकारी देने तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि इन्हें वर्चुअल स्टोरफ्रंट के रूप में भी देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ग्राहक सीधे चैट से खरीदारी करेंगे, जिससे पारंपरिक ऑनलाइन मार्केटप्लेस की भूमिका बदल सकती है।
इस कदम के साथ ओपनएआई खुद को एआई कॉमर्स फ्रेमवर्क का प्रमुख खिलाड़ी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और यह गूगल व अमेज़न जैसी कंपनियों के लिए नई चुनौती हो सकती है।














