उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के भीतर मुरादाबाद की राजनीति को लेकर जारी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। सूत्रों के मुताबिक, मुरादाबाद से सपा सांसद रुचि वीरा और पूर्व मंत्री एवं सपा विधायक कमाल अख्तर के बीच पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में तीखी बहस हुई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें रखते हुए अपनी-अपनी बात पार्टी नेतृत्व के सामने रखी।
कमाल अख्तर की शिकायत लेकर अखिलेश यादव से मिलीं रुचि वीरा
सूत्रों के अनुसार, सांसद रुचि वीरा पिछले तीन दिनों से लखनऊ में मौजूद हैं। उन्होंने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर विधायक कमाल अख्तर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और उन पर कार्रवाई की मांग की।
बताया जा रहा है कि रुचि वीरा इस मामले में कार्रवाई की मांग पर अड़ी हुई हैं, जबकि अखिलेश यादव ने जल्दबाजी में कोई फैसला लेने के बजाय मामले की जांच कराने का भरोसा दिया है।
कमाल अख्तर ने भी रखा अपना पक्ष
दूसरी ओर, कमाल अख्तर ने भी अखिलेश यादव के सामने अपना पक्ष रखते हुए रुचि वीरा पर कई आरोप लगाए। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने कहा कि रुचि वीरा को टिकट दिलाने से लेकर चुनाव जिताने तक पार्टी नेताओं ने पूरा सहयोग दिया, लेकिन सांसद बनने के बाद उन्होंने पार्टी के अन्य नेताओं से दूरी बना ली।
उन्होंने दावा किया कि पूर्व सांसद एस.टी. हसन, ठाकुरद्वारा विधायक नवाब जान और मुरादाबाद देहात के विधायक नासिर कुरैशी जैसे नेताओं के पोस्टरों में रुचि वीरा की तस्वीर नहीं दिखाई देती और न ही रुचि वीरा के पोस्टरों में इन नेताओं को जगह दी जाती है।
बेटी को टिकट दिलाने के लिए बना रहीं दबाव?
सूत्रों के अनुसार, कमाल अख्तर ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव नजदीक आने के कारण रुचि वीरा अपनी बेटी स्वाति वीरा को मुरादाबाद शहर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाना चाहती हैं। इसी वजह से वह पार्टी नेताओं के साथ नाराजगी दिखाकर दबाव की राजनीति कर रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि रुचि वीरा पहले बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर आंवला लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुकी हैं और समय-समय पर दल बदलती रही हैं। कमाल अख्तर ने उन्हें “चुनावी नेता” बताते हुए उनकी पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता पर भी सवाल उठाए।
अखिलेश यादव के सामने हुई तीखी बहस
सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप के बीच अखिलेश यादव के सामने ही माहौल गर्म हो गया और दोनों के बीच तीखी बहस हुई।
बैठक में कमाल अख्तर ने कहा कि मुरादाबाद में समाजवादी पार्टी के भीतर किसी तरह की गुटबाजी नहीं है और यदि कोई गुटबाजी कराने की कोशिश कर रहा है तो उसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह पार्टी के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हैं, लेकिन किसी कार्यकर्ता के खिलाफ अनुचित कार्रवाई नहीं होने देंगे।
PDA बैठक से नाराज हैं रुचि वीरा
सूत्रों के मुताबिक, रुचि वीरा पार्टी की PDA बैठक में आमंत्रित नहीं किए जाने से भी नाराज हैं और इसी मुद्दे को लेकर कार्रवाई की मांग कर रही हैं।
मुरादाबाद में पार्टी के भीतर बढ़ते इस विवाद को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी दल भी महिला सम्मान के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि रुचि वीरा और कमाल अख्तर के बीच का यह विवाद आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए चुनौती बन सकता है।















