बांग्लादेश में हुए आम चुनाव 2026 में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रचंड जीत के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. तारिक रहमान के बेहद करीबी और BNP के वरिष्ठ नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने शनिवार (14 फरवरी, 2026) को एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि भारत शेख हसीना का प्रत्यर्पण (Extradition) करेगा और उन्हें बांग्लादेश को सौंप देगा.
‘कानूनी तरीके से वापस लाएंगे’
मिर्जा फखरुल ने साफ किया कि उनकी सरकार बदले की भावना से नहीं, बल्कि कानून के मुताबिक काम करेगी. उन्होंने कहा, “बांग्लादेश पहले ही भारत से हसीना को वापस भेजने का अनुरोध कर चुका है. यह पूरी प्रक्रिया नियमों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत पूरी की जाएगी. हमें उम्मीद है कि भारत इसमें सहयोग करेगा.”
‘भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर नहीं पड़ेगा असर’
क्या हसीना के प्रत्यर्पण की मांग से दोनों देशों के रिश्ते खराब होंगे? इस सवाल पर फखरुल ने कहा कि यह मुद्दा दोनों देशों के संबंधों में कोई बाधा नहीं बनेगा. उन्होंने कहा, “भारत ने यह कभी नहीं कहा है कि वह शेख हसीना को वापस नहीं भेजेगा. हमारे बीच पहले से प्रत्यर्पण संधि मौजूद है. समय ही सबसे बड़ा समाधान है.”
हसीना को सुनाई जा चुकी है मौत की सजा
गौर करने वाली बात है कि शेख हसीना अगस्त 2024 में हुए भारी जनआंदोलन के बाद देश छोड़कर भारत आ गई थीं. इसके बाद नवंबर 2025 में बांग्लादेश के एक विशेष ट्रिब्यूनल ने 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और मानवता के विरुद्ध अपराधों के लिए उन्हें उनकी गैर-मौजूदगी में मौत की सजा सुनाई थी. अब नई सरकार के गठन के बाद उन्हें वापस लाने की कवायद तेज हो सकती है.














