असम के गुवाहाटी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के को-फाउंडर आशुतोष रांका समेत पार्टी के कई कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। मामले को लेकर CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा है कि वह सोमवार को असम जाएंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि आशुतोष को अभी तक रिहा नहीं किया गया है और पार्टी गिरफ्तारी या जेल की धमकियों से डरने वाली नहीं है।
आशुतोष रांका की हिरासत पर अभिजीत दीपके का बयान
अभिजीत दीपके ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘मैं कल सुबह असम जा रहा हूं. क्योंकि पुलिस ने अभी तक आशु को रिहा नहीं किया है. हम गिरफ्तारी या जेल की धमकियों से डरकर झुकने वाले नहीं है. आप चाहें तो कल मुझे एयरपोर्ट पर ही अरेस्ट कर सकते हैं.’
CJP के को-फाउंडर आशुतोष रांका और उनकी टीम को रविवार को पुलिस ने डिटेन किया। रांका इन दिनों असम में स्कूलों की स्थिति और SIR यानी वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दे को लेकर अभियान चला रहे थे। उनकी हिरासत के बाद पार्टी की ओर से असम सरकार और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को लेकर कई आरोप लगाए गए हैं।
असम सरकार पर आशुतोष रांका ने लगाए आरोप
आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि अगर CJP असम के स्कूलों की वास्तविक स्थिति देश के सामने रखेगी तो इससे पूरे देश में सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने काजीरंगा को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
रांका का दावा है कि स्थानीय लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं और जमीन, जंगल तथा पानी को कॉर्पोरेट कंपनियों को दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार की नीतियों को लेकर सवाल उठाते हुए इन मुद्दों पर अपनी पार्टी के अभियान को जारी रखने की बात कही।
‘लोगों को धमकाया जा रहा, डराया जा रहा है’
पुलिस वैन में नजर आ रहे एक वीडियो में आशुतोष रांका ने कहा कि एक निजी संपत्ति पर स्थानीय लोगों के साथ मीट-अप आयोजित किया जाना था और कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से होना था। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा उनकी गतिविधियों से डर गए हैं, क्योंकि उनकी पार्टी असम और काजीरंगा की वास्तविक स्थिति देश के सामने लाने की कोशिश कर रही है।
रांका ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को सामने लाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को संबोधित करते हुए कहा, आप भूल गए हैं कि हम लोग किस मिट्टी के बने हैं। हम डरने वाले नहीं हैं और जब तक असम की व्यवस्था में सुधार नहीं होता, तब तक चुप बैठने वाले नहीं हैं।
मामले को लेकर CJP की ओर से आशुतोष रांका की रिहाई की मांग की जा रही है। वहीं, अभिजीत दीपके के असम जाने के ऐलान के बाद इस मामले पर आगे की गतिविधियों को लेकर भी नजर बनी हुई है।















