उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली मंडल की विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) की योजनाओं को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी स्वीकृत परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर शुरू कराने और देरी होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
बरेली मंडल के 2200 प्रस्तावों पर हुई समीक्षा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली मंडल के जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए करीब 2200 प्रस्तावों पर विस्तृत समीक्षा बैठक की। मंगलवार (30 जून) को सर्किट हाउस सभागार में आयोजित इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोक निर्माण विभाग की सभी स्वीकृत योजनाओं को 15 जुलाई तक अंतिम मंजूरी देकर बजट जारी कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट जारी होने के बाद 15 अगस्त तक सड़क, पुल और अन्य आधारभूत ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं का भूमि पूजन कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
विकास कार्यों में देरी पर होगी कार्रवाई
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सड़क, पुल और अन्य विकास परियोजनाओं में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा न करने वाले अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों की गति बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं होगी।
60 आधुनिक स्वच्छता वाहनों को दिखाई हरी झंडी
समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम द्वारा खरीदे गए 60 अत्याधुनिक स्वच्छता वाहनों को सर्किट हाउस परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इन वाहनों में छह रोबोटिक मैनहोल सीवर क्लीनिंग मशीनें, दो स्किड लोडर, 50 सीएनजी ऑटो टिपर और दो बैकहो लोडर शामिल हैं। इन आधुनिक मशीनों के जरिए शहर की सफाई व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही सीवर सफाई में मानव श्रम पर निर्भरता भी कम होगी।
चार श्रेणियों में होगा घर-घर कूड़ा संग्रहण
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के अनुसार, नए सीएनजी ऑटो टिपरों की मदद से घर-घर से कूड़ा चार अलग-अलग श्रेणियों—गीला, सूखा, स्पेशल केयर वेस्ट और सैनिटरी वेस्ट—में एकत्र किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि रोबोटिक मैनहोल मशीनें बिना किसी व्यक्ति को सीवर में उतारे 360 डिग्री सफाई करने में सक्षम हैं। वहीं स्किड लोडर और बैकहो लोडर का उपयोग नालों की सिल्ट हटाने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, मोबाइल नेत्र चिकित्सा वैन का उद्घाटन
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस परिसर में बेल का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने दीप चैरिटेबल ट्रस्ट, बरेली की मोबाइल नेत्र चिकित्सा सेवा वैन का उद्घाटन भी किया।
इस मोबाइल वैन के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक नेत्र चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा।














