अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने के बाद केंद्र सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बढ़ोतरी कर दी है। वहीं पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क में कटौती की गई है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार नई दरें 17 जुलाई से लागू होंगी।
डीजल और ATF पर बढ़ा विंडफॉल टैक्स
सरकार ने डीजल के निर्यात पर लगने वाला विंडफॉल टैक्स 8.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 15.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है।
इसी तरह एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर टैक्स 7.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 14.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
हालांकि, पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क में राहत देते हुए इसे 4 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 2.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बाद लिया गया फैसला
सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और तेल कंपनियों के मुनाफे को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर विंडफॉल टैक्स की समीक्षा करती है। इसी प्रक्रिया के तहत इस बार नई दरों की घोषणा की गई है।
जुलाई के दौरान वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे पहले अप्रैल, मई और जून में कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिली थी।
ब्रेंट क्रूड 84 डॉलर प्रति बैरल के पार
हालिया तेजी के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 2 प्रतिशत बढ़कर 84.73 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। वहीं जुलाई में इसकी कीमतों में कुल मिलाकर करीब 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बढ़ते जोखिम ने भी ईंधन की सप्लाई को प्रभावित करने की आशंका पैदा कर दी है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
1 जुलाई को ATF हुआ था सस्ता
गौरतलब है कि 1 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने ATF की कीमत में करीब 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी।
अब कच्चे तेल के दाम में आई नई तेजी के बाद सरकार ने विंडफॉल टैक्स में बदलाव करते हुए डीजल और ATF के निर्यात पर शुल्क बढ़ाने का फैसला लिया है।















