दुबई में खेले गए एशिया कप 2025 के फाइनल मैच में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। जीत के बाद जब ट्रॉफी अवॉर्ड सेरेमनी शुरू हुई, तो विवाद खड़ा हो गया। भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री और PCB अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया।
क्यों किया भारतीय टीम ने इनकार?
भारतीय टीम ने ट्रॉफी लेने से इनकार की वजह मोहसिन नकवी का भारत-विरोधी रुख और राजनीतिक स्थिति बताई। इस घटनाक्रम के बाद एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अधिकारियों ने समाधान निकालने की कोशिश की और अमीरात क्रिकेट बोर्ड के उपाध्यक्ष खालिद अल जारूनी को ट्रॉफी देने का सुझाव दिया। लेकिन नकवी ने इस व्यवस्था को रोक दिया।
90 मिनट तक खिंचा गतिरोध
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नकवी के हस्तक्षेप के कारण करीब 90 मिनट तक गतिरोध चला। आखिरकार आयोजकों को मजबूर होकर ट्रॉफी समारोह से हटा देनी पड़ी और खिलाड़ियों को केवल व्यक्तिगत मेडल दिए गए।
पीएम मोदी का तंज और पाकिस्तान में हड़कंप
टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा—
“खेल के मैदान पर भी ऑपरेशन सिंदूर और परिणाम वही है, भारत की जीत।”
पीएम मोदी की इस टिप्पणी से पाकिस्तान में हलचल मच गई।
नकवी का पलटवार
पीएम मोदी की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए मोहसिन नकवी ने कहा—
“अगर युद्ध आपके गर्व का पैमाना था, तो इतिहास पाकिस्तान के हाथों आपकी अपमानजनक हार का जिक्र पहले ही कर चुका है। कोई भी क्रिकेट मैच उस सच्चाई को नहीं बदल सकता। युद्ध को खेल में घसीटना सिर्फ हताशा को उजागर करता है और खेल की भावना का अपमान करता है।”
ट्रॉफी चोरी और सीनाजोरी
पाकिस्तान की इस हरकत पर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। यूज़र्स का कहना है कि एक तो पाकिस्तान ने ट्रॉफी समारोह से हटा दी और ऊपर से नकवी का बयान सीनाजोरी जैसा है। वहीं, क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की इस हरकत ने खेल भावना को आहत किया है।














