पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज जोन (FOIZ) में हुए ड्रोन हमले ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। इस हमले में लगी भीषण आग के कारण तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए, जिसके बाद भारत ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस घटना की कड़ी निंदा की है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने 8 अप्रैल को घोषित युद्धविराम को तोड़ते हुए सोमवार (4 मई) को यूएई पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया। इसे सीजफायर के बाद पहली बड़ी सैन्य कार्रवाई माना जा रहा है। यूएई सरकार ने हवाई खतरे की पुष्टि करते हुए आपातकालीन अलर्ट जारी किए और एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया।
भारत की साफ चेतावनी और अपील
भारत ने इस हमले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि नागरिकों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इस तरह की घटनाओं को तुरंत रोका जाना चाहिए और तनाव को खत्म करने के लिए बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है।
तीन भारतीयों के घायल होने पर बढ़ी गंभीरता
ड्रोन हमले के बाद फुजैराह पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज जोन में आग लग गई, जिसमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए। इस घटना ने भारत की चिंता और बढ़ा दी है। सरकार ने स्पष्ट किया कि नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना गलत है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भारत की मांग
भारत ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के जरिए होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बिना किसी बाधा के जारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
पीएम मोदी ने भी जताई कड़ी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हमले की निंदा करते हुए एक्स पर लिखा, “संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की हम कड़ी निंदा करते हैं, जिनमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं. नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है. भारत संयुक्त अरब अमीरात के साथ पूरी तरह एकजुट है और बातचीत और कूटनीति के जरिए सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपना समर्थन दोहराता है. होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है.”














