उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में समाजवादी पार्टी में भी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (यूबीटी) जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है।
जनसुनवाई कार्यक्रम में सपा पर साधा निशाना
गुरुवार को आजमगढ़ जिले के अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और इसका असर जल्द ही राजनीतिक रूप से दिखाई देगा।
उन्होंने दावा किया कि जिस तरह अन्य क्षेत्रीय दलों में टूट देखने को मिली, उसी तरह समाजवादी पार्टी के कई सांसद भी भविष्य में अलग रुख अपनाते नजर आ सकते हैं।
केंद्रीय एजेंसियों की जांच का डर बता रहे वजह
राजभर ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में केंद्रीय एजेंसियों की जांच को लेकर चिंता है। उन्होंने कहा कि खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट जैसे मामलों में जांच की आशंका सपा नेताओं को परेशान कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी नेता केशव प्रसाद मौर्य द्वारा समाजवादी पार्टी के कुछ सांसदों के बीजेपी के संपर्क में होने संबंधी बयान को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
ब्राह्मण सम्मेलन को लेकर भी किया कटाक्ष
लखनऊ में आयोजित समाजवादी पार्टी के ब्राह्मण सम्मेलन पर टिप्पणी करते हुए राजभर ने सपा नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज देश का सबसे विद्वान समाज माना जाता है और राजनीतिक कार्यक्रमों के जरिए उसे प्रभावित करने की कोशिशें सफल नहीं होंगी।
साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में विभिन्न वर्गों और समुदायों से जुड़े नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को पर्याप्त सम्मान नहीं मिलता।
राम मंदिर चंदा विवाद पर सपा को घेरा
राम मंदिर निर्माण से जुड़े कथित चंदा विवाद को लेकर भी राजभर ने समाजवादी पार्टी पर पलटवार किया। उन्होंने दावा किया कि जांच में जिन लोगों के नामों की चर्चा हो रही है, उनमें समाजवादी पार्टी से जुड़े व्यक्तियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हर विवाद में सपा से जुड़े नाम सामने आने पर पार्टी को जवाब देना चाहिए।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष को दिया जवाब
प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी का इतिहास अपराधियों को संरक्षण देने वाली राजनीति से जुड़ा रहा है।
उन्होंने मऊ, बाराबंकी और प्रयागराज की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराध और राजनीति का गठजोड़ सपा शासन के दौरान चर्चा का विषय रहा है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।
‘गढ़ को गड़ही बना देंगे’ बयान पर दी सफाई
हाल ही में दिए गए अपने चर्चित बयान “गढ़ को गड़ही बना देंगे” को लेकर भी ओम प्रकाश राजभर ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका आशय किसी व्यक्ति विशेष से नहीं था, बल्कि समाजवादी पार्टी के राजनीतिक प्रभाव को चुनौती देने से था।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पूर्वांचल में विकास के कई बड़े कार्य किए हैं। महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज जैसी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो काम पिछली सरकारें वर्षों में नहीं कर सकीं, उन्हें मौजूदा सरकार ने पूरा किया है।
अखिलेश यादव पर भी लगाए आरोप
अखिलेश यादव द्वारा उन पर बीजेपी के लिए काम करने के आरोपों को खारिज करते हुए राजभर ने कहा कि उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी उम्मीदवार धर्मेंद्र यादव के समर्थन में भी प्रचार किया था।
उन्होंने दावा किया कि उनकी राजनीतिक ताकत और योगदान को नजरअंदाज किया गया, जिसके कारण उन्होंने अलग राजनीतिक रास्ता चुना। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं और समाजवादी पार्टी के भीतर मौजूद असंतोष खुलकर सामने आ सकता है।














