ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान की तरफ से भले ही जीत के दावे किए जा रहे हों, लेकिन अब लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों के कथित कबूलनामों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक वीडियो में आतंकी संगठन के नेताओं और कमांडरों ने भारतीय हमलों से हुए नुकसान का जिक्र किया है।
लश्कर आतंकी ने कबूला भारी नुकसान
रिपोर्ट के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी सैफुल्लाह खालिद फैसलाबाद में आयोजित एक रैली में शामिल हुआ, जहां उसने दावा किया कि 8 मई 2025 को मुरीदके स्थित लश्कर मुख्यालय ‘मरकज तय्यबा’ पर भारतीय सेना ने हमला किया था।
उसने कहा कि हमले के बाद वहां शवों के टुकड़े और मलबा बिखरा पड़ा था, जिन्हें इकट्ठा किया जा रहा था। बताया गया कि रैली में Hafiz Saeed की रिहाई के नारे भी लगाए गए।
हाफिज अब्दुल रऊफ का बड़ा बयान
लश्कर के टॉप कमांडर और मुरीदके मुख्यालय के केयरटेकर बताए जा रहे Hafiz Abdul Rauf ने भी कथित तौर पर बड़ा खुलासा किया।
उसने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद मारे गए आतंकियों के जनाजे में पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारी, कोर कमांडर, चीफ सेक्रेटरी, आईजी पंजाब और कई राजनीतिक प्रतिनिधि मौजूद थे।
रऊफ ने कहा, “मैंने जनाजा पढ़ाया. बहुत लोग आए थे.” उसने यह भी कहा कि “यह किसी जमात का मसला नहीं, बल्कि रियासत का मसला है. यह हमला मुरीदके पर नहीं, बल्कि पूरे पाकिस्तान पर हुआ.”
‘भारतीय ड्रोन पूरे पाकिस्तान में थे’
आतंकी रऊफ ने दावा किया कि 8 मई को भारतीय ड्रोन इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर तक पहुंच गए थे। उसके मुताबिक पाकिस्तान उन्हें रोक नहीं पाया।
उसने कहा कि 9 मई की रात पाकिस्तान के कई एयरबेस निशाने पर थे, जिनमें नूर खान एयरबेस, शोरकोट एयरबेस, रहीम यार खान एयरबेस और बहावलपुर शामिल थे।
आसिम मुनीर को लेकर भी किया दावा
रिपोर्ट में दावा किया गया कि हमलों के बाद पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir ने आयतें पढ़ीं और ‘बदर की दुआ’ करवाई।
हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वायरल वीडियो और आतंकी संगठनों के कथित बयानों को लेकर पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था और सेना-आतंकी संबंधों पर फिर बहस तेज हो गई है।










