भारत-अमेरिका ट्रेड डील (India-US Trade Deal) को लेकर सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है. शनिवार (14 फरवरी, 2026) को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला. गोयल ने राहुल गांधी को ‘अपरिपक्व’ (Immature) बताते हुए कहा कि उन्हें अर्थव्यवस्था की रत्ती भर भी समझ नहीं है और वे सिर्फ झूठ फैलाकर किसानों को गुमराह कर रहे हैं.
‘सच से मीलों दूर हैं राहुल गांधी’
पीयूष गोयल ने राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, “राहुल गांधी सच से हजारों मील दूर हैं. उनके पास हमारी आलोचना करने का कोई ठोस आधार नहीं है, इसलिए वे सोशल मीडिया पर झूठी और भ्रामक बातें लिखते हैं. वे अपरिपक्व हैं और अपनी सीमाओं को समझने में विफल रहे हैं.”
गोयल ने कहा कि कच्चा माल आयात करना, उसे प्रोसेस करना और फिर उसे निर्यात करना ग्लोबल ट्रेड का एक पुराना और सफल तरीका है, लेकिन राहुल गांधी को यह बेसिक इकोनॉमिक्स भी समझ नहीं आती.
राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाया था?
दरअसल, राहुल गांधी ने संसद और सोशल मीडिया पर आरोप लगाया था कि:
- टैरिफ में भेदभाव: अमेरिका के मुकाबले भारत को 18% टैरिफ बनाम 0% की स्थिति में क्यों रखा जा रहा है?
- किसानों को नुकसान: इस डील से भारत के कपास (Cotton) उत्पादकों और टेक्सटाइल सेक्टर को भारी नुकसान होगा.
- सरेंडर: मोदी सरकार ने अमेरिकी दबाव में घुटने टेक दिए हैं.
‘किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं’
इन आरोपों का जवाब देते हुए पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि सरकार ने डील करते समय ‘किसान हित’ को सर्वोपरि रखा है.
- आत्मनिर्भरता: जिन क्षेत्रों में भारत आत्मनिर्भर है और उत्पादन भरपूर है, उन्हें इस डील से बाहर रखा गया है.
- कपास सेक्टर: गोयल ने दावा किया कि इस डील से भारत की कपास उत्पादन क्षमता और आवश्यकता दोनों बढ़ेंगी, न कि घटेंगी.














