प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में छात्रों के साथ संवाद करते हुए युवाओं को विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज का युवा निडर होकर विकसित भारत के विजन की ताकत बनना चाहता है। देश के विकास के लिए नए विचारों और नए समाधानों की जरूरत है, जिनसे न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया का भविष्य भी तय होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया समाधान तलाश रही है और भारतीय युवाओं में उन्हें उपलब्ध कराने की क्षमता है। उन्होंने युवाओं से भारत में मौजूद अनगिनत अवसरों को पहचानने और उनका लाभ उठाने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि हर युवा खुद को भारत की ओर से दिए जा रहे अवसरों के बड़े कैनवस पर देखे, क्योंकि यह उनका समय और मौका है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी मिलकर विकसित भारत के सपने को साकार करेंगे।
जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय के गोल्डन जुबली समारोह में शामिल हुए पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई के जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान की 50 साल की यात्रा और शिक्षा के क्षेत्र में उसके योगदान की सराहना की।
पीएम मोदी ने कहा, ‘विश्व हिंदू विद्या केंद्र आज अपना गोल्डेन जुबली मना रहा है. ये माइलस्टोन जितना बड़ा है, इसकी यात्रा भी उतनी ही इंस्पायरिंग है. मैं इस अवसर पर जयगोपाल गरोडिया जी के योगदान को भी मैं आदरपूर्वक याद करता हूं. उन्होंने विद्यालय के भवन निर्माण में महत्वपूर्ण सहयोग दिया. आज मैं उन सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, अभिभावकों और पूर्व विद्यार्थियों का भी अभिनंदन करता हूं, जिन्होंने हिंदू विद्यालय की यात्रा को सफल बनाया है.’
उन्होंने कहा कि 50 साल का समर्पण और प्रतिबद्धता इस बात का उदाहरण है कि कोई संस्थान शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रभक्त नागरिकों का निर्माण कैसे कर सकता है। प्रधानमंत्री ने गिरिजा अम्मा का भी जिक्र किया, जिन्होंने बच्चों को देश के सैनिकों के लिए बचत करने का विचार दिया था।
बच्चों ने एक-एक रुपये बचाकर जुटाए 40 लाख रुपये
प्रधानमंत्री मोदी ने छोटे-छोटे प्रयासों के जरिए बड़े बदलाव लाने की अहमियत बताई। उन्होंने कहा, ‘जब हजारों बच्चे इस संकल्प से जुड़े तो लगभग 40 लाख रुपये जुटा लिए, ये कितना इंस्पायरिंग उदाहरण है. छोटे-छोटे योगदान से बड़ा बदलाव आ सकता है. चाहे मुश्किल समय में जरूरतमंदों की मदद करना हो या सफाई अभियान में हिस्सा लेना हो, सेवा के ये मूल्य हिंदू विद्यालय परिवार की समृद्ध विरासत का एक अहम हिस्सा हैं.’
पीएम मोदी के मुताबिक, बच्चों की इस पहल ने दिखाया कि सामूहिक प्रयासों से समाज और देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने जरूरतमंदों की सहायता और स्वच्छता अभियान जैसे कार्यों को सेवा की भावना से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को इन मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया।
पुतिन को गिफ्ट किया थिरुक्कुरल का रूसी संस्करण
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने थिरुक्कुरल और उससे मिलने वाली सीख का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘हाल ही में, मैंने प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन को थिरुक्कुरल का एक रशियन एडिशन गिफ्ट किया. थिरुक्कुरल उन लोगों के लिए एक यूनिक गाइड है, जो जिंदगी भर सीखते रहना चाहते हैं. तिरुवल्लुवर जी एक मशहूर कुरल के जरिए हमें सिखाते हैं कि कुछ नया सीखना ही काफी नहीं है. हमें उस सीख को प्रैक्टिस में भी लाना चाहिए. यह सभी स्टूडेंट्स के लिए एक जरूरी सबक है.’
प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों को सीखने की प्रक्रिया को लगातार जारी रखने और ज्ञान को अपने व्यवहार में उतारने की जरूरत बताई। उनके संदेश का केंद्र यह था कि शिक्षा का महत्व तभी बढ़ता है, जब उससे मिली सीख को जीवन में लागू किया जाए।
750 से बढ़कर 1,300 से ज्यादा हुईं यूनिवर्सिटीज: पीएम मोदी
देश में शिक्षा के विस्तार का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘आज देश में एजुकेशन का पूरा लैंडस्केप बदल रहा है. 2014 में भारत में करीब 750 यूनिवर्सिटीज थी, आज इनकी संख्या बढ़कर 1,300 से भी ज्यादा हो गई हैं. कॉलेजों की संख्या भी करीब 38 हजार से बढ़कर 52 हजार से भी अधिक हो चुकी है. बीते सालों में देश को अनेक IITs, IIMs, ट्रिपल आईआईटीज और AIIMS मिले हैं.’
प्रधानमंत्री ने शिक्षा संस्थानों की बढ़ती संख्या को देश में उपलब्ध होते नए अवसरों के संदर्भ में रखा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हुए विस्तार से युवाओं के लिए आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल रहे हैं।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की मेजबानी पर भी बोले पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलों के क्षेत्र में भारत की तैयारियों और बढ़ती सुविधाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘आज भारत में खेलों के लिए नई सुविधाएं बन रही हैं. युवा खिलाड़ियों को बेहतर ट्रेनिंग और सपोर्ट मिल रहा है. आज इंटरनेशनल स्पोर्ट्स में भारत का कद भी बढ़ रहा है. भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) की मेजबानी की तैयारी कर रहा है. हम 2036 ओलंपिक की मेजबानी का सपना भी लेकर आगे बढ़ रहे हैं.’
चेन्नई में छात्रों के बीच प्रधानमंत्री का संबोधन शिक्षा, नवाचार, सेवा और खेलों में युवाओं की भागीदारी पर केंद्रित रहा। उन्होंने युवाओं को देश में मौजूद अवसरों का लाभ उठाने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।














