मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच वैश्विक तेल और गैस सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंताओं पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने बड़ा बयान दिया है। असम में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत अब ऊर्जा के मामले में इतना सक्षम हो चुका है कि वह दुनिया की जरूरतों का भी ध्यान रख सकता है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर एलपीजी और तेल को लेकर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया।
युद्ध और सप्लाई संकट का किसानों पर असर का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमने आजाद भारत में बार-बार देखा है कि जब दुनिया के दूसरे हिस्सों में लड़ाइयां होती हैं और सप्लाई चेन में दिक्कत आती है तो परेशानी हमारे किसानों को होती है. कभी खाद महंगी हो जाती थी, कभी डीजल और ऊर्जा की कीमत बढ़ जाती थी, क्योंकि दशकों तक कांग्रेस पार्टी ने देश को दूसरे देशों पर निर्भर रखा. इससे खेती की लागत बढ़ जाती थी. बीते दशक में बीजेपी-एनडीए सरकार ने आत्मनिर्भरता को लेकर एक और बड़ा काम किया है. हमने कृषि को बाहरी संकटों से बचाने के लिए आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन दिया है.”
भारत ऊर्जा क्षेत्र में मजबूत बना: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा, “बीजेपी-NDA की सरकार ने हमारी रिफाइनरी के विकास के लिए रिफाइनिंग क्षमता के विकास के लिए काम किया है. आज भारत दुनिया का वो देश है जो अपनी ही नहीं, बल्कि विश्व की ऊर्जा जरूरतों का ध्यान रख सकता है.”
उन्होंने आरोप लगाया कि वैश्विक संकट के समय कांग्रेस देश में भ्रम फैलाने का काम कर रही है।
कांग्रेस पर साधा सीधा निशाना
पीएम मोदी ने कहा, “आज कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है, किसी भी स्थिति में वे देश के प्रति ईमानदार नहीं हैं. आज युद्ध से बने संकटों के बीच भी कांग्रेस सिर्फ अफवाहें फैलाने और अप्रचार करने में जुटी है. मैं कांग्रेस के साथियों से कहना चाहता हूं कि एक काम करिए लाल किले पर से 15 अगस्त को पंडित नेहरू ने जो भाषण दिए हैं वे भाषण सुनिए.”
नेहरू के बयान का भी किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “पंडित जी ने लाल किले से एक बार कहा कि उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया में लड़ाई चल रही है इसलिए भारत में महंगाई बढ़ रही है. उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया कहां है और यहां महंगाई बढ़ने की बात नेहरू जी कह रहे थे. आज कांग्रेस के लोग देश को गुमराह करने में लगे हैं. वैश्विक संकटों का प्रभाव क्या होता है ये दुनिया देख रही है.”
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि सरकार की कोशिश है कि अंतरराष्ट्रीय संकटों का असर देश के आम लोगों पर न्यूनतम रहे और ऊर्जा आपूर्ति सुचारु बनी रहे।














