Prashant Kishor on Congress & Bihar Politics: पटना के सदाकत आश्रम में हुई कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बिहार की जनता की ताकत है कि कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टी, जो लंबे समय से यहां अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है और आरजेडी की पिछलग्गू बन चुकी थी, उसे भी अपने बड़े नेताओं को बुलाना पड़ा।
पीके ने कहा, “जन सुराज के आने के बाद बिहार की राजनीति बदल चुकी है। हर दल और हर नेता को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है। कांग्रेस भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा है।”
“जन सुराज जाति-धर्म की राजनीति नहीं करता”
गया में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुस्लिम समाज से मुलाकात पर सवाल पूछे जाने पर पीके ने साफ कहा,
“जन सुराज जातीय आधार पर बैठक नहीं करता। हम न तो जाति और न ही धर्म की राजनीति करते हैं। जैसे हम हिंदुओं की सभा में जाते हैं, वैसे ही आज मुसलमानों की सभा में आए हैं।”
“कभी लालू के बच्चों का जीवन सुधरेगा, कभी अमित शाह के बच्चों का…”
मुसलमानों को टिकट देने पर अन्य दलों के रवैये पर पीके ने कहा,
“जो दल खुद को मुसलमानों का रहनुमा बताते हैं, अगर उन्हें मुसलमानों की इतनी ही चिंता है तो घोषणा करें कि जहां वे मुसलमान को टिकट देंगे, वहां जन सुराज मुसलमान प्रत्याशी नहीं उतारेगा। अगर बीजेपी को हराने की इतनी ही चिंता है तो वे खुलकर ऐलान करें। वरना होता यही है कि कभी लालू के बच्चों का जीवन सुधरेगा, कभी अमित शाह के बच्चों का, लेकिन आम जनता का जीवन वहीं का वहीं रहेगा।”
अशोक चौधरी के मानहानि केस पर पीके का पलटवार
जेडीयू के मंत्री अशोक चौधरी की ओर से मिले मानहानि नोटिस पर पीके ने कहा,
“आप लोग ऐसे पूछ रहे हैं जैसे सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया हो। आरोपों का जवाब देने के बजाय वकील से दो पन्ने का नोटिस भिजवा दिया। हमारी तरफ से भी वकील जवाब देगा। वे पहले भी मानहानि का नोटिस भेज चुके हैं, अब दूसरा भेजा है। अगर फिर खुलासा करेंगे तो वे तीसरा भी भेज देंगे। क्या प्रशांत किशोर अशोक चौधरी से डर जाएगा?”














